"पहला प्यार का पहला वादा"
रचना -- डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश"जहाँ तुम रहोगी वहीं मैं रहूँगा,
जहाँ मैं जाऊँगा वहीं ले चलूँगा।
ये जीवन समर्पित है गेसुओं में तुम्हारे,
तुम्हीं सर्वस्व मेरे, तुम्हीं प्राण प्यारे।
तुम्हें छोड़कर मैं न ज़िंदा रहूँगा,
जहाँ मैं जाऊँगा वहीं ले चलूँगा।।
तेरी हर खुशी में खुशी मैं चुनूँगा,
तेरे हर एक ग़म को हँसकर सहूँगा।
तेरी हर मन्नत का असर हूँ मैं प्यारी,
तेरे संग रहेगी हर एक मौसम में यारी।
तेरी धड़कनों में सदा मैं बसूँगा,
जहाँ मैं जाऊँगा वहीं ले चलूँगा।।
तेरी मुस्कानों का मैं गीत बनकर,
रहूँगा सदा तेरा मनमीत बनकर।
अगर रात आए अँधेरे सफ़र में,
दीपक-सा जलता रहूँगा नज़र में।
तेरे प्रेम का ही उजाला बनूँगा,
जहाँ मैं जाऊँगा वहीं ले चलूँगा।।
तेरे नाम से ही सुबह की किरण हो,
तेरे साथ हर शाम चंदन-पवन हो।
तेरे प्यार में अपना जीवन सँवारूँ,
तेरे प्यार में मिट्टी में ही मिल जाऊँ।
तेरी चाहतों का ही सपना बुनूँगा,
जहाँ मैं जाऊँगा वहीं ले चलूँगा।।
अगर दूरियाँ भी कभी बीच आएँ,
तो विश्वास के फूल फिर मुस्कुराएँ।
न टूटे कभी डोर इस प्यार वाली,
रहे संग अपने ये दुनिया निराली।
तेरे हर जनम में तेरा ही रहूँगा,जहाँ मैं जाऊँगा वहीं ले चलूँगा।।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews