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स्वाभिमान साहित्यिक मंच का 45वां राष्ट्रीय कवि दरबार में आज़ाद गज़लों से गूंजीं महफ़िल

स्वाभिमान साहित्यिक मंच का 45वां राष्ट्रीय कवि दरबार में आज़ाद गज़लों से गूंजीं महफ़िल

पटियाला (पंजाब)।स्वाभिमान साहित्यिक मंच द्वारा 45वें राष्ट्रीय कवि दरबार का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न कोनों से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। इस कार्यक्रम के संयोजक नरेश कुमार आष्टा थे, जिन्होंने कार्यक्रम की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पटना, बिहार से सिद्धेश्वर ने की, जिनके मार्गदर्शन में कवि दरबार ने नई ऊंचाइयों को छुआ। पटियाला से जागृति गौड़ ने कवि दरबार का सफल संचालन किया, अपनी प्रभावशाली शैली और शेरों से उन्होंने पूरे कार्यक्रम में एक सामंजस्य बनाए रखा।
इस काव्य संध्या में पंजाब , पटियाला से संजय दर्दी चोपड़ा ने अपनी खूबसूरत गज़ल प्रस्तुत कर श्रोताओं का दिल जीत लिया। छत्तीसगढ़ से सम्पति चौरे 'स्वाति' और पटना से राज प्रिया रानी ने अपनी कविताओं और गीत से श्रोताओं को भाव-विभोर कर दिया।साहिबाबाद से सुरेन्द्र कुमार अरोड़ा, नई दिल्ली से संतोष पुरी जी, पटना से सिद्धेश्वर, अरुण चन्दर रॉय, संतोष मालवीय, हज़ारी सिंह, रशीद ग़ौरी और भूपिंदर देव सिंह ताऊ जी ने अपने गीतों और आज़ाद गज़लों से ऐसा समां बांधा कि उपस्थित सभी लोग काव्य रस में डूब गए।
यह राष्ट्रीय कवि दरबार साहित्यिक और सांस्कृतिक विरासत को बढ़ावा देने में स्वाभिमान साहित्यिक मंच के प्रयासों का एक और सफल उदाहरण था।प्रस्तुति _दुर्गेश मोहन
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