दिव्यालय कार्यक्रम में डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय का विशेष साक्षात्कार, साहित्य और समाज पर रखे सारगर्भित विचार

साहित्य और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हस्ताक्षर डॉ. शिवेश्वर दत्त पाण्डेय का विशेष सजीव साक्षात्कार “दिव्यालाय – एक व्यक्तित्व परिचय” कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। कार्यक्रम की थीम “चंद बातें, कुछ यादें… नई-पुरानी” रही, जिसमें उनके जीवन, साहित्यिक यात्रा और सामाजिक योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई।
कार्यक्रम का संचालन यूनाइटेड किंगडम के रेडियो एवं टीवी एंकर किशोर जैन ने किया। उन्होंने बातचीत की शुरुआत डॉ. पाण्डेय के प्रारंभिक जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि और शिक्षा-दीक्षा से की। इस दौरान एक सफल पत्रकार से साहित्यकार बनने तक की उनकी प्रेरणादायक यात्रा को विस्तार से सामने रखा गया।
साक्षात्कार में डॉ. पाण्डेय ने कहा कि साहित्य उनके लिए केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने बताया कि साहित्य के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाना उनका प्रमुख लक्ष्य रहा है।
सामाजिक सरोकारों पर बोलते हुए उन्होंने दिव्य गंगा सेवा मिशन द्वारा गंगा, गौ एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी। “वेद से विज्ञान गुरुकुल” पहल का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसे प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के समन्वय की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
साहित्यिक गतिविधियों के संदर्भ में उन्होंने काव्य की नवीन विधा ‘फायकू’ पर विशेष प्रकाश डाला। इस विधा के प्रवर्तक अमन त्यागी और इसके प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे डॉ. अनिल शर्मा ‘अनिल’ के प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि ‘फायकू’ संक्षिप्त लेकिन प्रभावशाली अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम बनकर उभर रही है।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. पाण्डेय को प्राप्त विभिन्न पुरस्कारों और सम्मानों पर भी चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि ये सम्मान उनके लिए प्रेरणा के साथ-साथ जिम्मेदारी भी बढ़ाते हैं। एक समाजसेवक के रूप में उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए कुछ मार्मिक प्रसंगों का भी उल्लेख किया।
नवोदित रचनाकारों के मार्गदर्शन पर उन्होंने कहा कि युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ते देखना उनके लिए गर्व की बात है। हिंदी और भोजपुरी साहित्य में अपनी सक्रियता पर उन्होंने अनुभव साझा किए और चुनौतियों का भी जिक्र किया।
तकनीक और युवाओं के संबंध पर विचार रखते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल माध्यमों का सकारात्मक उपयोग कर साहित्य और संस्कृति को आगे बढ़ाना समय की मांग है। अंत में उन्होंने युवाओं को निरंतर सीखने, धैर्य रखने और अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने का संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. पाण्डेय ने अपनी एक विशेष रचना का पाठ किया, जिसे श्रोताओं ने खूब सराहा।यह पूरा साक्षात्कार “दिव्यालाय व्यक्तित्व एक पहचान” नामक यूट्यूब चैनल पर उपलब्ध है, जहां दर्शक इसे देख और सुन सकते हैं।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews