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दुनिया गजब की है

दुनिया गजब की है

संजय जैन

सच में यह दुनिया बहुत गजब की है।
जो सबको सुकून और दर्द देती है।
साथ ही जिंदगी में गजब ढहाती है।
सपने दिखती बनती और तोड़ती है।
सच में यह दुनिया बहुत गजब की है।।

बिगड़ जाये अगर संतुलन पृथ्वी का।
तो भूकंप जैसी विपत्तीयां लाती है।
लोगों को उनकी गलतियाँ बताती है।
साथ ही गलतियों का परिणाम देती है।
सच में यह दुनिया बहुत गजब की है।।

नदियाओं को रोक पहाड़ों को काट दिया।
प्रकृति की सुंदरता को ही मिटा दिया। 
पर्यावरण को अपने हाथो से नष्ट किया।
विधाता की बनाई दुनिया को मिटा दिया।
सच में दुनिया वालो ने गजब ढाह दिया।।

आधुनिकता की होड़ में दौड़ रहे है।
विनाशता की पट कथा लिख रहे है।
विकसित होना सबका सपना होता है।
आधुनिकता की आड़ में बमो का क्या है।
सच में यह दुनिया बहुत गजब की है।।

जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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