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महिलाओं को आगे बढ़ाने से ही देश खुशहाल होगा : माया श्रीवास्तव

महिलाओं को आगे बढ़ाने से ही देश खुशहाल होगा : माया श्रीवास्तव

  • समर्थ नारी समर्थ भारत के पांचवें स्थापना दिवस एवं महिला दिवस पर तीन दिवसीय कार्यक्रम का समापन, संकल्प सभा आयोजित

पटना। समर्थ नारी समर्थ भारत के पांचवें स्थापना दिवस तथा अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम के समापन पर पुनाईचक स्थित संगठन के कार्यालय में संकल्प सभा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सशक्तिकरण का संकल्प लिया।

इस अवसर पर संगठन की राष्ट्रीय सह संयोजिका तथा बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की प्रभारी माया श्रीवास्तव ने सभी महिलाओं को महिला दिवस और संगठन के स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आगे बढ़ाने से ही देश और समाज खुशहाल बन सकता है।

उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की नींव वर्ष 1910 में क्लारा नामक महिला ने रखी थी। यह दिवस कामगार महिलाओं के आंदोलन से निकला और बाद में संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ पूरे विश्व ने इसे वार्षिक उत्सव के रूप में मान्यता दी।

माया श्रीवास्तव ने कहा कि “एक पुरुष के शिक्षित होने से एक परिवार शिक्षित होता है, लेकिन जब एक महिला शिक्षित होती है तो पूरा समाज शिक्षित होता है।” उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज के व्यक्तित्व के निर्माण में उनकी माता राजमाता जीजाबाई का महत्वपूर्ण योगदान रहा। सच तो यह है कि संस्कारों की पहली पाठशाला मां ही होती है।

उन्होंने कहा कि जब महिलाओं को सम्मान मिलता है तो राष्ट्र और राज्य भी समृद्ध होते हैं। हमारी सभ्यता और पौराणिक मान्यता भी यही बताती है कि जब-जब महिलाओं पर अत्याचार हुआ है, तब-तब राष्ट्र की अस्मिता पर संकट आया है। इसलिए महिलाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए सभी महिलाओं को एकजुट होकर आगे आना होगा ताकि वे अपने जीवन की हर चुनौती का सामना स्वयं कर सकें।

माया श्रीवास्तव ने कहा कि वे विभिन्न राज्यों में जाकर बेसहारा महिलाओं को उनके हुनर के अनुसार रोजगार से जोड़ने का प्रयास करती हैं, ताकि उन्हें अपनी प्रतिभा के आधार पर पहचान मिल सके। उन्होंने कहा कि समर्थ नारी समर्थ भारत का मूल मंत्र है – “रोटी से रोजगार तक और शस्त्र से शास्त्र तक”। संगठन ने पांच वर्षों में न केवल भारत बल्कि विश्व के कई देशों में भी अपनी पहचान बनाई है।

उन्होंने कहा कि समाज की आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी देना तथा उन्हें उन सुविधाओं से जोड़ना भी हम सबकी जिम्मेदारी है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष पुष्पा पाठक ने की, जबकि मंच संचालन मीरा रानी ने किया और धन्यवाद ज्ञापन संगीता दुबे ने दिया।

इस अवसर पर पुष्पा पाठक, सरिता सिंह, संगीता तिवारी, संगीता सिंह, अर्चना कुमारी, लक्ष्मी कुमारी, जुली घोष, पूनम देवी सहित कई महिलाओं ने कहा कि संगठन की कोशिश है कि सभी जिलों में जाकर बेसहारा महिलाओं को सरकार से मिलने वाली सुविधाओं से जोड़ा जाए तथा हर वर्ष कम से कम दस महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया जाए।

कार्यक्रम के अंत में संगठन के पांचवें स्थापना दिवस के अवसर पर उपस्थित सैकड़ों महिलाओं ने केक काटकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। नृत्य-संगीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से माहौल उत्साहपूर्ण हो गया और उपस्थित लोग मंत्रमुग्ध हो उठे।

इस अवसर पर संगीता सिंह, सरिता सिंह, नीरू सिंह, पल्वी कुमारी, अर्चना झा, बेबी देवी, पूनम देवी, ज्ञानदेवी, चुन्नी देवी, सुनीता देवी, राधा कुमारी, गुंजन कुमारी, कामनी देवी, पूजा देवी, रीता देवी, सोनी देवी, उषा देवी, वीना कारण, मनीषा अंबष्ट, रिंकी दास, कंचन घोष, सुनीता दुबे, आराध्या पंडित, सालजा देवी, ममता रानी, ऋतिका सिन्हा, अंजू श्रीवास्तव, अंशिका वर्मा, राधा सिन्हा, मीना झा, प्रीति पाठक, सुविधा सेन, निशु घोष, संजू देवी, अनीता मिश्रा, रूबी देवी, आरती कुमारी, निशा कुमारी, रजनी देवी, अनुराधा कुमारी, सुगंधा कुमारी, बबीता देवी, प्रीति घोष सहित सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं।
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