राज्यपाल ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया

पटना 03 मई, 2026:- माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल सय्यद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने साहित्य अकादमी, नई दिल्ली तथा पटना साहिब गुरुद्वारा द्वारा श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी वर्ष के अवसर पर “श्री गुरु तेग बहादुर: जीवन और शिक्षाएँ” विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में भाग लिया।
इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन हमें साहसपूर्वक नेतृत्व करने, न्याय की रक्षा करने और स्वतंत्रता की रक्षा को नैतिक एवं राष्ट्रीय दायित्व के रूप में स्वीकार करने की प्रेरणा देता है।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी का जीवन नैतिक और राजनीतिक दबावों के बीच नेतृत्व का एक अद्वितीय उदाहरण है। वे शक्ति सिद्धांतों के रक्षक के रूप में उभरे। सन् 1675 में उनकी शहादत किसी भौगोलिक विजय या संकीर्ण उद्देश्य के लिए न होकर मानवता के लिए तथा प्रत्येक व्यक्ति के अपने धर्म का पालन करने और उसे सुरक्षित रखने के अधिकार के लिए थी। उन्होंने अपना जीवन सब के धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकार के लिए न्योछावर किया और इस प्रकार नेतृत्व को एक सार्वभौमिक नैतिक स्तर तक ऊँचा उठाया।
उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी ने अपने नेतृत्व को हथियारों से नहीं, अपितु नैतिक साहस और आंतरिक दृढ़ता के माध्यम से अभिव्यक्त किया। अत्याचार और दबाव के बावजूद उन्होंने बिना किसी बल प्रयोग के राज्य की शक्ति का सामना किया और झुके नहीं। उनका प्रतिरोध शांत, विचारपूर्ण और स्पष्ट था। उन्होंने शहादत को एक सचेत साधन के रूप में अपनाया और एक अत्याचार को समाज के लिए नैतिक जागरण में परिवर्तित किया।
राज्यपाल ने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के बलिदान ने उस परिवर्तन की नैतिक नींव रखी, जो आगे चलकर गुरु गोविंद सिंह जी के नेतृत्व में विकसित हुआ। उन्होंने यह सिद्ध किया कि सभ्यताएँ मूल्यों से टिकती हैं।

उन्होंने कहा कि गुरु तेग बहादुर जी के जीवन से हमें कई महत्वपूर्ण शिक्षाएँ मिलती हैं। अंतरात्मा की स्वतंत्रता अटूट है और विविधतापूर्ण समाज में विश्वास तथा असहमति, दोनों के अधिकार की रक्षा आवश्यक है। साथ ही, नैतिक साहस नेतृत्व का सर्वाेच्च रूप है, जो कठिन समय में दृढ़ रहने में निहित है। और, शहादत दूरगामी परिवर्तन की प्रेरणा बन सकती है, जो समाज और राष्ट्र के नैतिक तथा राजनीतिक स्वरूप को प्रभावित करती है।
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