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विश्वास की डोर

विश्वास की डोर

संजय जैन

प्यार में विश्वास की डोर
जन्मों तक टूटे ना।
हमारा तुम्हारा प्यार भी
जन्मों-जन्मों तक छूटे ना।।


सोच सोच कर सोच रहा हूँ।
इसलिए खुशीयों से भरा पड़ा हूँ।
भूलकर भी उदास मत होना।
दिलमें प्यार को जिंदा रखना।।


सोच अपनी थोड़ी अलग है।
इसलिए अपनी दुनिया अलग है।
करते है सम्मान मेहबूब का हम।
इसलिए जिंदगी प्यार से भरी है।।


प्यार को भी नजर लगती है।
इसलिए नजर वालों से बचना है।
होती है जुबान जिनकी कड़वी।
उनसे बचकर रहना पड़ता है।।


प्यार बहुत अनमोल होता है।
जिसमें मर्यादा का होना जरूरी है।
इसलिए संभालकर चलना पड़ता है।
जिससे दुनियां में प्यार जिंदा रहता है।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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