Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार घिरे, राष्ट्रपति शासन की मांग

बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर सरकार घिरे, राष्ट्रपति शासन की मांग

  • समर्थ नारी–समर्थ भारत की प्रदेश बैठक में उभरा आक्रोश

पटना।
बिहार में महिलाओं और बच्चियों के साथ होने वाले अपराधों को लेकर एक बैठक हुई। इस बैठक में लोग बहुत गुस्से में थे। यह बैठक *समर्थ नारी–समर्थ भारत* के दफ्तर में हुई। पुष्पा पाठक ने इस बैठक की अध्यक्षता की, नीरु सिंह ने संचालन किया, और अनीता मिश्रा ने सबको धन्यवाद दिया।

बैठक को संबोधित करते हुए संगठन की राष्ट्रीय सह संयोजिका श्रीमती माया श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं और बेटियों के खिलाफ बढ़ती आपराधिक घटनाओं ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में कानून-व्यवस्था चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।

श्रीमती श्रीवास्तव ने कहा कि जिन नारों के साथ महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण की बात की गई थी, आज उन्हीं मूल्यों की अनदेखी हो रही है। उन्होंने बिहार के मुख्यमंत्री नीतिश कुमार पर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रदेश में हो रही दुष्कर्म, हत्या और एसिड अटैक जैसी घटनाओं पर सरकार की निष्क्रियता चिंताजनक है।
दरभंगा, सिवान, पटना, छपरा, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, गोपालगंज और मोतिहारी जैसे कई जिलों में हाल के दिनों में जो घटनाएं सामने आई हैं, उनमें मासूम बच्चियों के साथ बहुत ही दर्दनाक घटनाएं हुई हैं और जब कोई विरोध करता है, तो उसकी हत्या कर दी जाती है। यह बिहार राज्य की बहुत ही भयावह स्थिति को दर्शाता है। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया और कहा कि वे अपराधियों से मिलीभगत भी करते हैं।

बैठक में वक्ताओं ने कहा कि यदि सरकार जल्दी ठोस कदम नहीं उठाती है तो महिलाएं अपना गुस्सा सड़कों पर जाहिर करेंगी। संगठन ने देश की राष्ट्रपति से अनुरोध किया कि बिहार की स्थिति को देखते हुए राष्ट्रपति शासन लागू किया जाए, ताकि निष्पक्ष जांच हो सके।

कार्यक्रम में पुष्पा पाठक, नीरू सिंह, सरिता सिंह, राखी सिंह, संगीता दुबे, बिना पाठक, रीना श्रीवास्तव, नेहा सिंह, रागिनी सिंह, साधना अरुण, सुनीता दास, रिंकू सिन्हा, अर्चना कुमारी, लक्ष्मी कुमारी सहित कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे।

वक्ताओं ने केंद्र सरकार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं की सुरक्षा केवल नारे तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि ठोस कार्रवाई के रूप में दिखनी चाहिए। बैठक के अंत में महिलाओं की सुरक्षा, सख्त कानून व्यवस्था और दोषियों के त्वरित दंड की मांग के साथ एक स्वर में प्रस्ताव पारित किया गया।

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ