भारत का मानचित्र,रम्य सौम्य पवित्र
कुमार महेंद्रहिमालय उत्तर मुकुट मणि,
दक्षिण शोभा हिंद महासागर ।
सदाबहार वनवाई पूर्व,
पश्चिम रेगिस्तान अभिजागर ।
मध्य सरित स्वर कल कल,
अंतःकरण अमिय निर्झर चित्र ।
भारत का मानचित्र,रम्य सौम्य पवित्र ।।
हिंद भूमि सौंदर्य माधुर्य पर्याय,
शांति अहिंसा संदेश स्थल ।
पुनीत सिंधु गंगा ब्रह्मपुत्र धार,
समतल उपजाऊ मैदान सकल ।
कृषि अर्थव्यवस्था परम घटक,
उद्योग सेवा क्षेत्र प्रगति सवित्र ।
भारत का मानचित्र,रम्य सौम्य पवित्र ।।
राजस्थान मरुस्थल अल्प नीर,
दक्षिण नीलगिरि चाय बाग सुहाने ।
मेघालय चेरापूंजी अति वृष्टि,
केरल खाड़ी नारियल तरु गाने ।
पश्चिम गुजरात कच्छ रण अनघट,
गोवा लहरें पर्यटन अंतरंगी मित्र ।
भारत का मानचित्र,रम्य सौम्य पवित्र ।।
अंडमान-लक्षद्वीप छटा अनूप,
मनमोहक मोती सा सागर ।
चारों दिशाएं विविध श्रृंगार,
उरस्थ भव्य राष्ट्र एकता गागर ।
पर्वत पठार झील नदी मनोरम,
सर्वत्र सुख समृद्धि ध्येय चरित्र ।
भारत का मानचित्र,रम्य सौम्य पवित्र ।।
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com