Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

सदा सबसे ऊंचा रहे तिरंगा

सदा सबसे ऊंचा रहे तिरंगा 


कुमार महेन्द्र
स्वर्णिम _अरुणिम रम्य सौम्य,
हिंद प्राण आन बान शान ।
अष्टप्रहर राष्ट्र स्तुति वंदन,
भारती दिव्य भव्य पहचान ।
केसरिया पट्टिका मनमोहक,
हृदय अविरल साहस शौर्य गंगा ।
सदा सबसे ऊंचा रहे तिरंगा ।।

मोहक श्वेत वर्णी पट्टिका,
शांति सौहार्द मंगलदायक ।
हरित पट्टी अद्भुत अनुपम,
सुख समृद्धि वैभव प्रदायक ।
ललित कलित नील चक्र,
सतत प्रगति आह्वान नंदा ।
सदा सबसे ऊंचा रहे तिरंगा ।।

राष्ट्र ध्वज साक्षात गवाह,
मातृभूमि रक्षा स्वाभिमान ।
परम साक्षी स्वतंत्रता संघर्ष,
दर्शक रणबांकुरी बलिदान ।
पुनीत पावन प्रेरणा सानिध्य,
बुलंद विजयी उद्घोष सुरंगा ।
सदा सबसे ऊंचा रहे तिरंगा ।।

प्रेरक स्नेह प्रेम भाईचारा,
देश प्रेम जागृति अहम सेतु ।
रक्षक निज गौरव प्रतिष्ठा,
नवगीत राष्ट्र विजय श्री हेतु । 
तिरंगी स्नेहिल छत्रछाया तले,
राष्ट्र भविष्य ओजस्वी उत्तंगा।
सदा सबसे ऊंचा रहे तिरंगा  ।।

कुमार महेन्द्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ