Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

कुछ कदम साथ चलें

कुछ कदम साथ चलें

अरुण दिव्यांश
क्यूॅं हिचकते चलने में ,
कुछ कदम साथ चलें ।
तेरा मेरा साथ चले तो ,
अरि भी देख हाथ मले ।।
आओ मिल एक हो लें ,
दिल दिल से मिला लें ।
बढ़ा लें अपनी ताकत ,
अरि धड़कन खिला दें ।।
दोस्त बना पड़ा दुश्मन ,
उसकी शक्ति हिला दें ।
दिखा रहा है जो हेकड़ी ,
उसे नानी याद दिला दें ।।
खेल रहा हमसे है चाल ,
व्यंग्य में खिलखिला दें ।
सर्प खदेड़े नेवले को ,
आओ इसकी सिला दें ।।
रावण बना त्रैलोक्य नृप ,
आओ हम रामलीला दें ।
एक करके हमभी खेल ,
रावण को तिलमिला दें ।।


पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ