"अवरोध का अर्थ"
पंकज शर्मा
जीवन-पथ पर मिलने वाले अवरोध केवल ठहराव नहीं, बल्कि चेतना के सूक्ष्म संकेत होते हैं। वे हमें हमारी सीमाओं से परिचित कराते हैं एवं अंतर्मन को अधिक सजग बनाते हैं। जो क्षण हमें पराजय प्रतीत होते हैं, वही आत्ममंथन के द्वार खोलते हैं। वास्तव में असफलता कोई बाह्य घटना नहीं, बल्कि भीतर का वह क्षण है जब मनुष्य साधना से विमुख हो जाता है। प्रयत्नशीलता ही जीवन की आध्यात्मिक धुरी है।
यदि आज का प्रयास निष्फल रहा, तो उसे व्यर्थ मानना आत्मा के साथ अन्याय है। हर असफलता अनुभव बनकर चेतना को परिष्कृत करती है। जैसे तप में तपकर ही स्वर्ण कांतिमान होता है, वैसे ही संघर्ष से गुजरकर ही अभिष्ट का साक्षात्कार संभव होता है। अवरोध हमें रोकते नहीं, हमें परिपक्व करते हैं।
. "सनातन"
(एक सोच , प्रेरणा और संस्कार) पंकज शर्मा (कमल सनातनी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ https://www.facebook.com/divyarashmimag


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com