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माँ महागौरी वंदना

माँ महागौरी वंदना

रचनाकार --

डॉ रवि शंकर मिश्र "राकेश"

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शुभ्र वसन में माँ विराजती,

शांति सुधा सी सदा बरसती।

दुष्ट दलन हित आयी।




वृषभ वाहिनी तेज अपार,

त्रिशुल दमकता कर में धार।

सिद्धि सहित प्रभु मायी।




भक्त करें जब प्रेम पुकार,

माँ मिटा दें संकट अपार।

कृपा करें सुखदायी।




मुक्त करें पापों से जन,

ज्ञान देवें निर्मल उज्ज्वल मन।

भक्ति पथ की छायी।




चरणों में जो शीश झुकाए,

जीवन में सौभाग्य ही पाए।

मंगल ज्योति जगाए।




दया, क्षमा, करुणा की रानी,

माँ महागौरी अमृत वाणी।

सर्व दोष मिट जाए।




जय जय जय महागौरी माता,

शुभता दे हर भक्त को दाता।

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