‘हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश : आवश्यकता और उपाय !’ इस विषय पर ‘ऑनलाइन’ विशेष संवाद !
प्राचीन काल में मनुष्य को समाप्त करने के लिए राक्षसी शक्तियां कार्यरत थीं । अब वे राक्षस कट्टरपंथियों के रूप में कार्यरत हैं तथा उन्हें हम आतंकवादी कहते हैं । सर्वाधिक पुरातन सनातन धर्म को समाप्त करने के लिए उन्होंने कमर कसी है; परंतु हमने उन्हें हिन्दू धर्म में प्रवेश का मार्ग दिखाया है । इसलिए आज अनेक लोग हिन्दू धर्म में प्रवेश करने के इच्छुक हैं । वे मिलजुलकर रहना चाहते हैं; परंतु हिन्दू धर्म में प्रवेश करने से कट्टरपंथियों द्वारा उनका बुरा हाल किए जाने का उन्हें भय है । अब वह भय भी घट रहा है । पहले तलवार के बल पर उनका धर्मांतरण हुआ था; परंतु अब वे हिन्दू धर्म की ओर आकर्षित हो रहे हैं । अब हिन्दू धर्म में लौटने का समय आ गया है, ऐसी स्पष्ट भूमिका श्री. जीतेंद्र नारायण सिंह त्यागी (पहले के वसीम रिजवी) ने प्रस्तुत की । वे हिन्दू जनजागृति समिति द्वारा आयोजित ‘हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश : आवश्यकता और उपाय’ इस ‘ऑनलाइन’ संवाद में बोल रहे थे ।
संपूर्ण विश्व में हिन्दू धर्म के समान श्रेष्ठ धर्म नहीं है, यह सत्य मौलवी, पादरी भी जानते हैं; परंतु मिथ्या कथाआें के आधार पर वे हिन्दुआें का धर्मांतरण कर रहे हैं । जो लोग हिन्दू धर्म में प्रवेश करने के इच्छुक हैं, उन्हें समाज में प्रतिष्ठा और मान्यता मिलने के लिए हिन्दू समाज को आगे आकर एक सुदृृढ योजना बनानी चाहिए । इंडोनेशिया जैसे देश में एक ही समय 50 हजार मुसलमानों ने हिन्दू धर्म में प्रवेश किया है, यह हाल ही की घटना हमारे सामने हैं । हिन्दू धर्म में प्रवेश करनेवालों के मन में अभी तक भय है; इसलिए हिन्दू समाज को ऐसे लोगों का समर्थन कर विशाल हृदय से उनका स्वागत करना चाहिए, ऐसा प्रतिपादन श्रीक्षेत्र द्वारापुर, धारवाड स्थित ‘श्री परमात्मा महासंस्थानम’ के श्रीगुरु परमात्माजी महाराज ने किया ।
‘श्रेष्ठ संगठन’ के संस्थापक अधिवक्ता सत्येंद्र वसिष्ठ ने कहा कि, बडी संख्या में पीडित लोग इस्लाम छोडने के लिए तैयार हैं । हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश करनेवाले कट्टर मार्ग छोडकर उदार विचारधारा का स्वीकार कर रहे हैं, यह ध्यान में रखना चाहिए । ऐसों को हिन्दू धर्म में आने के लिए समा लेना चाहिए । जो हिन्दू धर्म में पुनर्प्रवेश कर रहे हैं, उनका उचित पुनर्वसन भी करना आवश्यक है ।

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