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शराब बंदी के लिए नीतीश सरकार प्रतिबद्ध

शराब बंदी के लिए नीतीश सरकार प्रतिबद्ध

(अशोक त्रिपाठी-हिन्दुस्तान समाचार फीचर सेवा)
बिहार मंे नीतीश कुमार की सरकार ने शराब बंदी करके जितनी शोहरत पायी थी, अब राज्य मंे शराब के सेवन को लेकर उतनी ही सरकार की बदनामी हो रही है। एनडीए की सहयोगी हिन्दुस्तान अवाम पार्टी के नेता जीतन राम मांझी ने भी व्यंग्य किया है कि राज्य सरकार शराब बंदी कानून को वापस ले ले तो बेहतर होगा। यही सब कारण है कि नीतीश कुमार की सरकार के पंचायतीराज मंत्री ने शराब का सेवन करने वालों को कैमरे से तलाशना शुरू कर दिया है। वे कहते हैं कि हर पंचायत मंे कैमरे लगाए जाएंगे और शराब पीने वालों पर कैमरे की नजर रहेगी। इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी कह चुके हैं कि अब शराब बंदी कानून की अवहेलना करना आसान नहीं होगा। दरअसल कुछ दिनों पूर्व बिहार विधानसभा परिसर मंे शराब की खाली बोतलें मिली थीं। मुख्यमंत्री का कहना है कि शराब बंदी कानून को प्रभावी बनाने मंे कुछ लोग रोड़े अटका रहे हैं।
बहरहाल, बिहार में शराबबंदी पर लगातार उठ रहे सवालों के बीच नीतीश सरकार इसे सफल बनाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। बिहार सरकार उन भ्रष्ट अधिकारियों पर भी कार्रवाई कर रही है, जो शराबबंदी कानून को कमजोर करने की कोशिश में लगे हुए हैं। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश में लगातार अवैध शराब मिलने की खबरें सामने आ रही हैं। इन सभी घटनाओं को देखते हुए पंचायती राज विभाग ने पूरी तैयारी कर ली है। विभाग ग्रामीण इलाकों में शराब बंदी कानून को सफल बनाने के लिए बड़ा कदम उठाने जा रही है। राज्य सरकार की नजर न केवल शहरी क्षेत्र बल्कि अब ग्रामीण इलाकों में भी रहेगी। पंचायती राज विभाग ने तय कर लिया है कि हर पंचायत में लगभग 100 सीसीटीवी कैमरे लगाए जायेंगे। इसकी मदद से गांव के किसी भी कोने में कोई शराबबंदी कानून के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करेगा तो उसकी पूरी हरकत सीसीटीवी में कैद हो जाएगी। पंचायती राज मंत्री सम्राट चैधरी ने बताया कि जैसे ही पंचायत चुनाव खत्म होगा वैसे ही हर पंचायत में सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम शुरू हो जाएगा, जो शराब बंदी कानून को और भी प्रभावी बनाएगा। उन्होंने कहा कि वैसे ग्रामीण क्षेत्र जो बॉर्डर से लगता है, उन इलाकों में सीसीटीवी कैमरे की भूमिका और बढ़ जाती है, जहां बाहर से शराब लाया जाता है।
मंत्री सम्राट चैधरी का यह मानना है कि जब हर गांव में सीसीटीवी कैमरा लग जाएगा तो अवैध धंधा करने वाले लोगों पर नजर रखना आसान हो जाएगा। बिहार में कुल 8471 पंचायत है और हर पंचायत में सीसीटीवी कैमरा लगाने की तैयारी पूरी हो गई है जो शराबबंदी कानून को सफल बनाने में बड़ा कदम हो सकता है।
अब, इस सच्चाई को देखा। बिहार पंचायत चुनाव के 11वें चरण के मतदान के पहले भोजपुर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। दरअसल अंतिम चरण के चुनाव के पहले भोजपुर के शाहपुर प्रखंड के बेलवनिया झौंवा पंचायत की निवर्तमान मुखिया पत्नी और पूर्व मुखिया हरेराम सिंह के घर से शराब और हथियार बरामद हुए हैं। बताया जाता है कि इस पंचायत में अंतिम चरण यानि 12 दिसंबर को मतदान होना है। ऐसे में मतदान को प्रभावित करने के इरादे से शराब और हथियार मंगाए गए थे। इसी बीच गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने मुखिया के घर छापेमारी कर शराब और हथियार के साथ पांच लोगों को गिरफ्तार किया है, जिसमें मुखिया के भाई समेत पूर्व मुखिया के ड्राइवर और घर में काम करने वाले को गिरफ्तार किया गया है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों में यूपी पुलिस का एक जवान भी शामिल है।
मिली जानकारी के अनुसार पुलिस टीम ने छापेमारी के दौरान दो सेमी ऑटोमेटिक राइफल, दो पिस्टल, सैंकड़ों गोली, यूपी निर्मित शराब बरामद किया गया है। पुलिस ने सभी सामानों को जब्त कर पूर्व मुखिया की गिरफ्तारी के लिए तलाश तेज कर दी है। बता दें, पूर्व मुखिया हरेराम सिंह की पत्नी निवर्तमान मुखिया इस बार मुखिया पद के लिए चुनाव लड़ रही है। यहां अंतिम चरण यानि 12 दिसंबर को मतदान होना है। उनके बिहिया थाना क्षेत्र के झौंवा स्थित घर छापेमारी कर शराब और हथियार बरामद की गयी है। सूत्रों के अनुसार पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चुनाव में वोटरों को प्रभावित करने के लिए हथियार मंगाए गए हैं और वोटरों को प्रभावित करने के लिए शराब का भी इंतजाम किया गया है। वहीं ग्रामीणों का कहना है कि यूपी पुलिस का जवान और घर में काम करने वाले लोग इस मामले में निर्दोष हैं। वहीं बिहिया थाना की पुलिस के अनुसार बरामद हथियार की जांच की जा रही है। अभी तक पुलिस को हथियार से जुड़ा लाइसेंस नहीं बरामद हुआ है।
इस मामले को लेकर एसपी विनय तिवारी का कहना है कि छापेमारी में हथियार और शराब बरामद की गयी है। इस मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। ऐसे में चुनाव के कुछ दिन पहले हथियार मिलने से ग्रामीणों के बीच तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार भी गर्म है।
बिहार में अब शराबबंदी कानून की अवहेलना करना आसान नहीं होगा। अब जो भी लोग शराब पीकर बोतल फेकेंगे, उनकी खैर नहीं है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि शराब पीकर बोतल फेंकने वाले की तस्वीर सार्वजनिक कर ली जाएगी। बिहार विधानसभा परिसर में शराब की खाली बोतल मिलने के मामले में मुख्यमंत्री अपनी प्रतिक्रिया जाहिर कर रहे थे। नीतीश कुमार ने कहा कि शराब पीने वालों की एक-एक हरकत पर नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को जनता दरबार के बाद पत्रकारों से मुखातिब थे। सीएम ने कहा कि इस पर तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश उनके स्तर पर दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराबबंदी कानून को प्रभावी बनाने के रास्ते में कुछ लोग रोड़े अटका रहे हैं और ऐसे लोगों से निबटने के लिए सरकार पूरी तरह से तैयार है। मालूम हो कि हाल के दिनों में शराबबंदी कानून की समीक्षा के बाद सरकार इसके पालन के लिए लगातार सख्ती दिखा रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल अफवाहों पर ही ध्यान नहीं देना है। सीएम ने कहा कि शराबबंदी को लेकर पटना पर विशेष नजर रखी जा रही है। मुख्यमंत्री ने माना कि राजधानी को पहले नियंत्रित करना होगा। नीतीश कुमार ने कहा कि राज्य में शराबबंदी को सफल बनाने के लिए बड़े पैमाने पर एक्शन लिया जा रहा है। सीएम ने माना कि एक्शन का असर भी देखने को मिल रहा है। नीतीश कुमार ने कहा कि ऐसी कोशिश की जा रही है कि शराब पीकर बोतल फेंकने वालों की तस्वीर लोगों के सामने आ जाए। सीएम ने माना कि शराब मामले से जुड़ी समस्याएं जनता दरबार में भी आई हैं। इसलिए सरकार के साथ जनता को भी शराबबंदी को सफल बनाने में सक्रियता दिखानी होगी। (हिफी)हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews https://www.facebook.com/divyarashmimag

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