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कर्मा-धर्मा एकादशी के साथ सिद्धयोग में कल मनेगी विश्वकर्मा पूजा

कर्मा-धर्मा एकादशी के साथ सिद्धयोग में कल मनेगी विश्वकर्मा पूजा

पंडित कन्हैया तिवारी की खास खबर
भाद्र शुक्ल एकादशी शुक्रवार 17 सितंबर को कर्मा-धर्मा एकादशी के साथ सिद्ध योग में इसबार विश्वकर्मा पूजा मनाई जाएगी। इसी दिन कन्या राशि में सूर्य का भी प्रवेश होगा। सिद्ध योग में विश्वकर्मा पूजा पड़ने से भगवान विश्वकर्मा की पूजा करने वाले निर्माण व अन्य आवश्यक कार्यों से जुड़े भक्तों को विशेष लाभ होगा। इसी दिन कर्म एकादशी और भाई-बहन का पर्व कर्मा-धर्मा भी मनाया जाएगा।
उधर राजधानी में रेलवे समेत तमाम सरकारी व गैर सरकारी प्रतिष्ठानों में विश्वकर्मा पूजा की तैयारी चल रही है। बुधवार काे बारिश के बावजूद विश्वकर्मा भगवान की मूर्ति को अंतिम रूप देने में कलाकार लगे रहे। भारतीय सनातन धर्म में भगवान विश्वकर्मा का स्थान एक ऐसे शिल्पकार के रूप में है, जिन्होंने ब्रह्मा जी के साथ मिलकर सृष्टि का निर्माण किया है। उनके शिल्प कला से समस्त चराचर जगत में भवन आदि से लेकर यान आदि पर्यंत सभी चीजें उनके अधिकार क्षेत्र में हैं। सृष्टि में सभी तरह की भौतिक सुख-सुविधा के भगवान विश्वकर्मा ही हैं।
इसलिए इस दिन मोटर यान से लेकर कल-कारखाना या जहां भी शिल्प निर्माण का कार्य होता है, वहां भगवान विश्वकर्मा की पूजा श्रद्धा-भक्ति से किया जाता है। इससे साल भर निबिघ्नता बनी रहती है। पूजा करने वालों की यही कामना रहती है कि सभी तरह के संसाधन-प्रसाधन चलता रहे। इसलिए इस दिन निष्ठापूर्वक भगवान विश्वकर्मा का पूजन सभी भक्तों को करना चाहिए।
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