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पूरे विश्‍व के हिन्दुओं द्वारा हिन्दू धर्म की उचित तात्त्विक भूमिका प्रस्तुत करने के कारण 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व' परिषद विफल हुई ! - सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी

'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वपरिषद में हिन्दू विरोधी प्रचार !' विषय पर आयोजित विशेष संवाद !

पूरे विश्‍व के हिन्दुओं द्वारा हिन्दू धर्म की उचित तात्त्विक भूमिका प्रस्तुत करने के कारण 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वपरिषद विफल हुई ! - सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी

     अमेरिका में आयोजित 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वपरिषद में तथाकथित अध्ययनकर्ताओं ने हिन्दू धर्म की वर्णजातिव्यवस्था इत्यादि के विषय में संभ्रम का वातावरण निर्माण करने का प्रयास किया । धर्मांतरण के उद्देश्य से ब्रिटिश मिशनरियों ने ब्राह्मणवाद को जन्म दिया और उसमें वृद्धि करने का कार्य ऐसी हिन्दू विरोधी परिषदें कर रही हैं । 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वपरिषद आयोजित करने के पूर्व आयोजकों ने हिन्दू धर्म के विषय में विविध भ्रम फैलाकर बार-बार अपनी भूमिका में परिवर्तन किया । ऐसे झूठ फैलानेवालों पर विश्‍वास न रखपूर्ण विश्‍व के हिन्दू बंधुओं को हिन्दू धर्म का प्रसार बडी मात्रा में करना चाहिए । पूरे विश्‍व के हिन्दुओं द्वारा हिन्दू धर्म की उचित तात्त्विक भूमिका प्रस्तुत करने के कारणसाथ ही हिन्दुआें के हजारों वर्षों का मानवता और विश्‍व के लिए पूरक इतिहास समाज को बताने के कारण अमेरिका की 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वपरिषद विफल हुईऐसा प्रतिपादन हिन्दू जनजागृति समिति के राष्ट्र्रीय मार्गदर्शक सद्गुरु (डॉ.) चारुदत्त पिंगळेजी ने किया । हिन्दू जनजागृति समिति आयोजित 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्व' परिषद में हिन्दू विरोधी प्रचार !' इस ऑनलाइन विशेष संवाद में वे बोल रहे थे ।

      'इशित्व फाउंडेशनकी संचालिका आरती अग्रवाल ने कहा कि हिन्दू विरोधी परिषद से 'हिन्दुत्वका उन्हें ऐसा अनुचित चित्रण करना था कि हिन्दुओं का इतिहास में हुआ नरसंहार उचित थासाथ ही आगे होनेवाला नरसंहार भी उचित ही होगा । वर्तमान में पाकिस्तान और बांगलादेश में हिन्दू युवतियों पर अत्याचार किए जा रहे हैं । गांवबस्तियां जलाई जा रही हैं । हिन्दुओं पर अनगिनत अत्याचार करने पर भी मानवाधिकार के संरक्षक उनकी ओर ध्यान न देंऐसी स्थिति उन्हें निर्माण करनी है ।

     मनोचिकित्सक और लेखक डॉरजत मित्रा ने कहा कि इस हिन्दू विरोधी परिषद द्वारा केवल हिन्दू विरोधी पक्ष प्रस्तुत कर उसे ही 'सत्यबताने का प्रयास किया गया । विविध विद्यापीठों ने एकत्रित रूप से हिन्दू धर्म को एक संकट घोषित कर हिन्दुओं की आवाज दबाने का प्रयास किया । विदेशों में हमारे अनेक हिन्दू युवक-युवतियां शिक्षा ले रहे हैं । 'हिंदुओं ने संघर्ष कर विविध आक्रमणों से हिन्दू धर्म की रक्षा कैसे की ?', इस इतिहास की व्यापक स्वरूप में शिक्षा हिन्दू युवा पीढी को देनी चाहिएसाथ ही उन्हें हिन्दू धर्म के प्रति अपने कर्तव्य का बोध करवाना चाहिए ।

   ऑस्ट्रेलिया के विचारक डॉयदु सिंह ने कहा कि, 'डिसमेंटलिंग ग्लोबल हिन्दुत्वपरिषद के आयोजक और वक्ता केवल हिन्दू धर्मविरोधी नहींअपितु नक्सलवादियों के समर्थक तथा भारतीय सैनिकों का विरोध करनेवाले देशद्रोही ही हैं । इस परिषद का पूरे विश्‍व के हिंदुओं ने सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों द्वारा प्रतिकार किया । इस कारण उनका उद्देश्य सफल नहीं हुआ ।
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