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माथे की बिंदी चमकेगी

उन सभी दोस्तों को सादर समर्पित जिन्होंने अपने अंग्रेजी प्रेम को भी हिन्दी दिवस पर बनाते रखा, हिन्दी की बधाई अंग्रेजी में दी, प्रतिक्रिया भी अंग्रेजी में दी और मां से अधिक प्रिय नौकरानी को समझा----

माथे की बिंदी चमकेगी

अपनी हिंदी भी चमकेगी।
विश्व पटल पर छा जायेगी,
आज नहीं तो कल चमकेगी।

हिन्दी तो है विश्व की भाषा,
जगत बना हिन्दी का प्यासा।
अपने बच्चों को भी समझाओ,
क्यों करते अंग्रेजी अभिलाषा?

दुनिया भर की भाषा सीखो,
मातृभाषा की गाथा सीखो।
निज मां पर अभिमान सदा,
भाषा की परिभाषा सीखो।

हिन्दी की बातें करते, हिन्दी की खाते रोटी,
अंग्रेजी में भाषण, हिन्दी करते बोटी-बोटी।
अंग्रेजी को प्यारी आंटी, ब्यूटीफुल कहते हो,
अपनी मां का मान नहीं, फूहड़ काली मोटी।

मां तो बस मां होती है, ममता का सागर होती है,
संस्कार का सार बताती, संस्कृति गागर होती है।
देवों के संदेश सुनाती, मानवता की राह बताती,
नहीं भटकने दे सकती, सभ्यता की डगर होती है।

अ कीर्ति वर्द्धन
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