(कन्हैया सिंह) शॉपिंग मॉल नहीं खुलने से हो रहे भारी नुकसान को देखते हुए कई बड़े ब्रांड पटना छोड़ सकते हैं। माॅल संचालकों के मुताबिक, बड़े ब्रांड ने साफतौर पर कहा है कि खोलने की इजाजत नहीं मिली तो और ज्यादा नुकसान नहीं उठा सकते हैं। किराया, बिजली बिल, स्टाफ की सैलरी आदि के भुगतान में हो रही परेशानी को देखते हुए संचालकों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से शॉपिंग मॉल को खोलने की इजाजत मांगी है।
वहीं चैंबर ऑफ कॉमर्स ने भी संचालकों की मांग का समर्थन करते हुए मॉल खोलने की इजाजत देने का अनुराेध सरकार से किया है। चैंबर के मुताबिक, मॉल बंद रहने से जहां संचालकों को भारी घाटा हो रहा है, वहीं सरकार को भी राजस्व की हानि हो रही है। सैकड़ों कर्मियों की नौकरी पर बन आई है।
बंद रहने से मॉल संचालक अपने कर्मियों को आधी सैलरी देने में भी दिक्कत का सामना कर रहे हैं। कई कर्मियों को नौकरी से निकाल दिया गया है। ऐसे में पूरी सुरक्षा के साथ मॉल को खोलने की इजाजत देनी चाहिए, नहीं तो परेशानियां और बढ़ सकती हैं।
1000 कर्मियों की जा चुकी नौकरी, दर्जनों को आधी मिल रही सैलरी
राजधानी में स्थित आधा दर्जन मॉल में 3000 से ज्यादा कर्मी कार्यरत थे। जून के बाद करीब 1000 को नौकरी से निकला जा चुका है। जाे बचे हैं, उनमें ज्यादातर को तीन-चार महीनों से आधी सैलरी ही मिल रही है। इन कर्मियों की सैलरी 8 से 15 हजार रुपए तक है। ऐसे में आधी सैलरी से इन्हें गुजरा करना मुश्किल होता जा रहा है।
मासिक किराया 1 करोड़ रुपए तक, फिक्स्ड बिजली बिल भी 10 लाख
राजधानी के बड़े मॉल का एक महीने का किराया एक करोड़ रुपए तक है। वहीं बिजली का फिक्स्ड चार्ज भी 7 से 10 लाख रुपए तक है। सभी मॉल मार्च से बंद थे। बीच में करीब डेढ़ महीने के लिए खुले, फिर बंद हो गए। मॉल बंद रहने से संचालकों को किराया देना और बिजली बिल का भुगतान करना मुश्किल हो गया है।
पूरी सुरक्षा के साथ खोलेंगे, जिला प्रशासन अनुमति तो दे
सरकार को भी तो हो रहा नुकसान
मॉल संचालकों पर लोन, स्टाफ की सैलरी, मेंटेनेंस आदि का बोझ बढ़ता जा रहा है। राज्य सरकार को भी नुकसान हो रहा है। ऐसे में पूरी सुरक्षा के साथ मॉल को खोलने की इजाजत देनी चाहिए। -पीके अग्रवाल, अध्यक्ष, चैंबर ऑफ कॉमर्स
मॉल बंद करने की नौबत आ गई
स्टाफ को सैलरी देने और बिजली के फिक्स्ड चार्ज के भुगतान में परेशानी होने लगी है। कई ब्रांड्स मॉल छोड़ने की बात कहने लगे हैं। खुलने का निर्देश नहीं मिला तो मॉल को बंद करने की नौबत आ सकती है। -रतन सिंह, सहायक महाप्रबंधक, पी एंड एम मॉल
अनुरोध पर विचार करे प्रशासन
अब तक करोड़ों का नुकसान हो चुका है। मॉल खोलने को लेकर कई बार प्रशासन से कई बार अनुरोध किया गया है। प्रशासन को संचालकों काे जल्द निर्णय लेना चाहिए। -सूरज साव, स्टोर जीएम, सेंट्रल मॉल
कारोबार बंद है, कैसे हो मेंटेनेंस
कारोबार बंद होने से स्टाफ की सैलरी और बिजली बिल के साथ मेंटेनेंस का खर्च उठाने में परेशानी होने लगी है। मॉल नहीं खुले तो कई शॉप बंद हो सकते हैं। -आनंद प्रताप सिंह, आरसी वेस्टर्न मॉल
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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/mall-will-not-open-soon-many-brands-will-be-opened-in-patna-operators-said-without-paying-rent-electricity-bills-and-staff-salaries-127656627.html

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