पंजाब नेशनल बैंक लूट मामले में तीन लुटेरे फरार अब भी फरार हैं। उनमें एक सब्जी बेचने वाला भी है। ये तीनों पटना के ही रहने वाले हैं। इनमें दो लाइनर भी हैं। तीनों पटना के ही रहने वाले हैं। पुलिस इनके पीछे लगी हुई है। दरअसल इनके पास बैंक से लूटे गए मोटी रकम है। सूत्रों के अनुसार ये तीनों सरेंडर कर सकते हैं ताकि उनके पास रकम रह जाए।
दूसरी तरफ पुलिस ने जिन लोगों को पकड़ा है उसकी कहानी भी कम रोचक नहीं है। 22 जून को पंजाब नेशनल बैंक में 52.38 लाख की डकैती होने के बाद पुलिस तीन दिनों तक पटना से लेकर आसपास के जिलों व झारखंड में छापेमारी करने में जुटी रही। इसी बीच एसआईटी और टेक्निकल टीम राजधानी में लगे सीसीटीवी फुटेज को खांगाल रही थी। 26 जून को पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में एक बाइक सवार लाल शर्ट पहने हुए चितकोहरा के पास दिखा। बाद में वही फिर अनीसाबाद मोड़ पर भी दिखा।
इसी फुटेज ने पुलिस के लिए लीड का काम किया। उसके बाद पुलिस ने चितकोहरा से अनीसाबाद, बेउर, रामकृष्णानगर, बस स्टैंड, आर. ब्लॉक, इकोपार्क से लेकर चितकोहरा तक के करीब 200 सीसीटीवी कैमरों को खंगाला। यही नहीं करीब 50 जीबी के वीडियो से संदिग्ध बाइक सवारों को ढूंढ़ा। चितकोहरा पर जो फुटेज मिला वही बस स्टैंड के पास मिला, वहां एक अन्य लुटेरा बाइक से हेलमेट लगाकर आया था। उनमें एक का नंबर फर्जी और दूसरे का सही था। दूसरे बाइक जिसका नंबर सही था, वह प्रफुल्ल की थी।
असली नंबर के आधार पर गुरुवार की शाम में पुलिस ने प्रफुल्ल कुमार को गर्दनीबाग से पकड़ा। फिर पता चला कि कोचिंग में पढ़ाने वाला अमन कुमार उर्फ सत्यम शुक्ला, उर्फ अमित है जो इस कांड का मास्टरमाइंड है। मजे की बात यह थी कि जो पांच डकैत गिरफ्तार हुए उनमें कोई किसी का घर नहीं जानता था। उसके बाद पुलिस को ह्यूमन इंटेलिजेंस से गुरुवार की रात बैंक कॉलोनी जक्कनपुर में छापेमारी की और अमन, हरिनारायण, सोनेलाल, गणेश कुमार को गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी पहुंचे एसएसपी ऑफिस, पूरी टीम काे दिया प्रशस्तिपत्र
डीजपी गुप्तेशवर पांडेय शनिवार को एसएसपी दफ्तर पहुंचे। इस दौरान लुटेरों और नकद बरामद करने के लिए एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा व उनकी 23 सदस्यीय टीम को बधाई दी। यही नहीं डीजीपी ने सबों को प्रशस्तिपत्र देने के साथ ही एसएसपी से लेकर सिपाही तक 23 पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को 10-10 हजार देने की घोषणा की। मीडिया से बातचीत करते हुए डीजीपी ने कहा कि बिहार में कोई संगठित अपराध नहीं है। यहां सुशासन है। डीजीपी ने एसएसपी से लेकर सिपाही तक को 10-10 हजार देने की घोषणा की, आईजी ने चारों इंस्पेक्टर 10-10 हजार दिए। वहीं एसएसपी ने 3 एसआई और 13 सिपाही को 5-5 हजार दिए। इस तरह एसएसपी, एसपी व डीएसपी को 10-10 हजार, हरेक इंस्पेक्टर को 20-20 हजार व हरेक एसआई और सिपाही को 15-15 हजार मिले। पीएनबी के अधिकारियों ने पूरी टीम को मोमेंटो दिया।
एसएसपी ने एफबी पर लिखा ‘मेहनत रंग लाती है और...’
एसएसपी उपेंद्र कुमार शर्मा ने फेसबुक पर लिखा- मेहनत रंग लाती है, और मेहनत से आया रंग बड़ा चटक होता है। इस कठिन कार्य के उदभेदन में निरंतर मेरे साथ खड़े मेरे टीम के परिश्रम, समर्पण और ऊर्जा का मैं सम्मान करता हूं। पटना पीएनबी डकैती कांड, अनीसाबाद, 22 जून 2020।
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source https://www.bhaskar.com/local/bihar/patna/news/a-vegetable-seller-is-also-among-the-3-absconding-robbers-the-remaining-amount-of-the-loot-is-with-him-127478932.html

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