राज्य में पारदर्शी और उत्तरदायी प्रशासन के माध्यम से विधि-व्यवस्था सुदृृढ़ कर कानून का शासन स्थापित …
Read more »जब से डाँटा बहू ने, सास है बेहोश। बच्चों के झगड़ों को देख, माता-पिता हैं खामोश । पत्नी ने किया बेलन…
Read more »भोजपुरी भाषा ( वर्ग में एगो शिक्षक लड़िकन से कुछ प्रश्न के उत्तर पूछत बानीं , जवना में एगो…
Read more »जिन्दगी दांव पर लाग चुका है। साथ छोड़ सब भाग चुका है।। सब वादा किये चलेगें साथ। खाकर कसम सब मिलाए ह…
Read more »लोग हवा देत बा खुब, एह से दबाव बढ़ल जात बा। हम चाहत बानी कुछ, आउर होत बाटे कुछ, एह से तनाव बढ़ल जात…
Read more »अपेक्षाएं बोझ या स्वीकृति सुकून? हम सभी जीवन में कुछ न कुछ पाना चाहते हैं, कुछ लक्ष्य होते हैं, कुछ…
Read more »पढी -लिखी बहुओं सी घर आई धूप डॉ रामकृष्ण मिश्र पढी -लिखी बहुओं सी घर आई धूप सास- ससुर -सी…
Read more »प्रतिहार वंशी शासकों और भारतीय संस्कृति के बारे में विद्वानों के मत डॉ राकेश कुमार आर्य राणा अली हस…
Read more »मातृ भारती की बैठक संपन्न स्थानीय सरस्वती विद्या मंदिर, शास्त्री नगर, पटना के तत्वावधान में मातृ भा…
Read more »विद्या भारती उपाध्यक्ष श्री रविन्द्र कान्हरे जी का केशव विद्या मंदिर, भागवत नगर,पटना-26 में आगमन। आ…
Read more »आभूषणों संग,नारी सौंदर्य बहार हर नारी अप्सरा सदृश , जब तन सोहे मोहक गहने । शुभ आध्यात्म विज्ञान दृष…
Read more »हिन्दी गौरव सम्मान' से विभूषित किए गए डा अनिल सुलभ | तीन दिवसीय 'नागालैंड साहित्य महोत्सव…
Read more »आज संसद में भइल जवन हाल बा। इ दशा देख के सारा देश बेहाल बा।। अइसन धक्का मुक्की मेला में होला। जहाँ…
Read more »नशापान जिन्दगी में कुछ बनना हो तो, नशापान करना सीख लें। गंदगी यदि पसंद हो तो, जर्दा खाना सीख लें। …
Read more »श्री गणेशाय नम: 20 दिसम्बर 2024, शुक्रवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा …
Read more »आनंद होठों पर हँसी हो आँखो में नमी हो। दिल में सुकून हो। तो खुशी झलकती है। और चेहरा कमल सा एक दम खि…
Read more »जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने नई दिल्ली में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से मुलाकात की, बिहा…
Read more »बिपार्ड ने बिहार @2047 के विज़न डॉक्यूमेंट के लिए परामर्श कार्यशाला का आयोजन किया गया, 18 दिसंबर 20…
Read more »चाहते हो रोशनी को मुट्ठियों में बाँधना। डॉ रामकृष्ण मिश्र चाहते हो रोशनी को मुट्ठियों में बाँधन…
Read more »फिर भी चेहरे पर हो मुस्कान कंटक पथ संघर्ष अथाह, समय चक्र विपरीत गति । हर कदम उपेक्षा तिरस्कार, दिग्…
Read more »आफत की पुड़िया सुरेन्द्र कुमार रंजन नई नवेली दुल्हन, जीवन की बन गई उलझन । बात किसी की सुनती नहीं, क…
Read more »बचपन की यादें बचपन की यादों को, मैं भूला सकती नहीं। मां के आँचल की यादे, कभी भूल सकती नहीं। दादा दा…
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नया साल मुबारक हो साहब! गुलामी का ग्रेगोरियन संस्करण आज सुबह नींद खुली तो लगा मानो कोई अंतरराष्ट्री…
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