युवा पीढी सावधान इस देश को रसातल में ले जाने की कोशिश की जा रही है, राजनीति के कुचक्र में फंसाने क…
Read more »भौतिक चिकित्सा पद्धति पुरातनकाल से ही चली आ रही है। भौतिक चिकित्सा पद्धति पुरातनकाल से ही चली आ रह…
Read more »सर्दी में नेह परवान चढ़ रहा उर हिलोरित उष्ण उमंग , जप तप सर्द तृप्ति ओर । कंपन अंतर जीवन दर्शन, रग …
Read more »मेरी सोच जिसे निभा न सकूँ, ऐसा वादा नही करता..! मैं बातें अपनी हद से, ज्यादा नहीं करता.. ।। तमन्ना …
Read more »मैंने चाहा था तुमसे हँस कर मिलूँ , पर ये आँसू हमारे छलक ही पड़े! साहित्य सम्मेलन में स्मृतिशेष कवयि…
Read more »सारा जहान जाने जउनS जगह के l महिमा महान मोरी मइया मगह के ll विष्णु जी अप्पन चरण जहाँ धयलन | ब्रह्मा…
Read more »यदि चाह रहे हो ---:भारतका एक ब्राह्मण. संजय कुमार मिश्र 'अणु' यदि चाह रहे ह…
Read more »थिरकती है दुनिया,युवा स्वर लय ताल पर राष्ट्र धरा अनंत आह्लाद, यथार्थ रूप स्वप्न माला । नैराश्य नित …
Read more »आओ आलिंगन कर लूं। तुझे बाहों में मैं भर लूं।। मत दूर खड़ी ललचाओ। मेरे करीब आ जाओ।। अब धैर्य नहीं है…
Read more »दुअरा खड़ा भिखारी, एक मुठ्ठी अन्न बाटे मांगत। ना कहे में बहुरिया, तोहरा लाज नइखे लागत।। केतना देर स…
Read more »एक सुलझे हुए मनुष्य की पहचान यह कहावत, "सुलझा हुआ मनुष्य वह है, जो अपने निर्णय स्वयं करता है, …
Read more »घोटाला ही घोटाला जिस देश के बच्चे करते हैं धूम्रपान, जिनकी दिनचर्या ही है नशापान। अपमान को मिलता ह…
Read more »श्री गणेशाय नम: 15 दिसम्बर 2024, रविवार का दैनिक पंचांग एवं राशिफल - सभी १२ राशियों के लिए कैसा रहे…
Read more »उसका प्रेम किसलय सा अंतर बिंदु नव रस लहर, आशा उमंग भरपूर । अभिलाष आनंद बिंब, नैराश्य सदा अति दूर । …
Read more »नाप तौल कर मुस्कानें राजमणि मिश्र नाप तौल कर मुस्कानें सरे बाज़ार बिकती हैं गज़ब हैरानी है, तुम कह …
Read more »अक्सर सुना है कुछ महिलाओं को कहते हुये जी रही हूँ समझौतों के साथ घुट रही हूँ कतरा कतरा संबन्धों को …
Read more »बेटियाँ डॉ अ कीर्ति वर्द्धन एक हौसला है, हम सब में उड़ान का, पंख छोटे सही, गगन तक पहचान का। छू लेंग…
Read more »वीरों को श्रद्धांजलि (हंसडीहा के वीरों को समर्पित ) शत् नमन उन वीरों को है, जिसने अपना बलिदान दिया …
Read more »श्वाँस की यात्रा जहाँ रुक जाएगी डॉ रामकृष्ण मिश्र श्वाँस की यात्रा जहाँ रुक जाएगी वहीं से होगा…
Read more »लेखनी का आधार हो आज फूल लाया था कुछ तुम्हारे लिए। पर वो ले गया कोई और तुम्हारे नाम से। मुझे पता था …
Read more »जीवन चक्र: परिवर्तन और विकास पंकज शर्मा "जिंदगी 'परिवर्तन' से ही बनी है, किसी भी '…
Read more »एक एक दिन करके उम्र निकलता गया। उठता हुआ सूरज धीरे धीरे ढलता गया। जब मुरझाने लगा फूल तब तुम आये। जब…
Read more »एम्स,नई दिल्ली द्वारा बिहार के फीजियोथेरेपिस्ट डॉ देवव्रत को "बेस्ट क्लिनिकल अवार्ड" एवं …
Read more »मुझे कुछ ऐसा ---: भारतका एक ब्राह्मण. संजय कुमार मिश्र 'अणु' मुझे कुछ ऐसा …
Read more »अग्रवाल सम्मेलन समाज सेवा नहीं बल्कि व्यापार करता है:-धर्म चंद्र पोद्दार कार्यपालक दंडाधिकारी, धाल…
Read more »
भंगिमा ने ‘ठहाका’ और सनातन जयघोष के साथ किया वर्ष 2026 का स्वागत दिव्य रश्मि के उपसम्पादक जितेन्द्र…
Read more »