Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने किया ‘शब्दाक्षर पत्रिका’ के विशेषांक का ऑनलाइन लोकार्पण

सुप्रसिद्ध साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र ने किया ‘शब्दाक्षर पत्रिका’ के विशेषांक का ऑनलाइन लोकार्पण

  • हरियाणा राष्ट्रीय साहित्योत्सव-2026 पर केंद्रित है जुलाई-सितंबर अंक, देशभर के रचनाकारों की साहित्यिक कृतियों को मिला स्थान
कोलकाता। राष्ट्रीय साहित्यिक संस्था ‘शब्दाक्षर’ द्वारा प्रकाशित साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका ‘शब्दाक्षर’ के जुलाई-सितंबर 2026 अंक का भव्य ऑनलाइन लोकार्पण शनिवार को सुप्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय साहित्यकार डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र के करकमलों से संपन्न हुआ। साहित्य, संस्कृति और हिंदी भाषा के प्रचार-प्रसार को समर्पित इस आयोजन में देश के विभिन्न हिस्सों से साहित्यकारों, रचनाकारों तथा साहित्यप्रेमियों ने डिजिटल माध्यम से सहभागिता की। यह अंक विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, क्योंकि इसे ‘शब्दाक्षर हरियाणा राष्ट्रीय साहित्योत्सव-2026’ पर केंद्रित विशेषांक के रूप में प्रकाशित किया गया है।

पत्रिका के इस विशेषांक में साहित्य, भारतीय संस्कृति, सामाजिक सरोकारों और राष्ट्र से जुड़े विविध विषयों को स्थान दिया गया है। देशभर के रचनाकारों की उत्कृष्ट साहित्यिक कृतियों के माध्यम से हिंदी साहित्य की समृद्ध परंपरा, समकालीन चिंतन और रचनात्मक अभिव्यक्ति को सामने लाने का प्रयास किया गया है। इस दृष्टि से यह अंक न केवल साहित्यप्रेमियों के लिए रुचिकर है, बल्कि हिंदी साहित्य के अध्ययन, अनुसंधान और सांस्कृतिक विमर्श से जुड़े पाठकों के लिए भी उपयोगी एवं संग्रहणीय साबित होने की उम्मीद है।

कार्यक्रम का संयोजन शब्दाक्षर संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पत्रिका के प्रधान संपादक रवि प्रताप सिंह ने किया। लोकार्पण समारोह में डॉ. बुद्धिनाथ मिश्र और रवि प्रताप सिंह के अतिरिक्त पत्रिका के संपादकीय मंडल के सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। संपादक धनंजय जयपुरी, सह संपादक कृष्ण पाल सिंह तथा उप संपादक अनामिका सिंह ने पत्रिका की विषयवस्तु, उसके साहित्यिक उद्देश्यों और विशेषांक की प्रासंगिकता पर केंद्रित वक्तव्य प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का संचालन सुश्री ईशा गुप्ता ने सराहनीय ढंग से किया।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में हिंदी साहित्य की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि साहित्य किसी भी समाज की संवेदनाओं, विचारों, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्रीय जीवन का प्रतिबिंब होता है। साहित्यिक पत्रिकाएं इस चेतना को व्यापक समाज तक पहुंचाने के साथ-साथ रचनाकारों को अपनी प्रतिभा और विचारों की अभिव्यक्ति का मंच भी प्रदान करती हैं। ऐसे प्रयास हिंदी भाषा को समृद्ध बनाने, साहित्यिक संवाद को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक विरासत से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि ‘शब्दाक्षर’ राष्ट्रीय स्तर पर हिंदी साहित्य के संवर्धन, नवोदित साहित्यकारों के प्रोत्साहन तथा भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के प्रचार-प्रसार के लिए निरंतर सक्रिय है। संस्था का उद्देश्य स्थापित साहित्यकारों और नई पीढ़ी के रचनाकारों के बीच रचनात्मक संवाद को प्रोत्साहित करना तथा साहित्य को समाज की व्यापक चेतना से जोड़ना है। पत्रिका के माध्यम से विविध साहित्यिक विधाओं और विचारों को पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

‘शब्दाक्षर हरियाणा राष्ट्रीय साहित्योत्सव-2026’ पर आधारित विशेषांक का प्रकाशन इसी व्यापक साहित्यिक अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी है। इस अंक में देश के विभिन्न क्षेत्रों के रचनाकारों को स्थान देकर हिंदी साहित्य की बहुआयामी प्रकृति को रेखांकित किया गया है। साहित्य और संस्कृति से जुड़े विषयों के साथ सामाजिक तथा राष्ट्रीय सरोकारों को प्रमुखता देना पत्रिका की वैचारिक प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त करता है।

समारोह के दौरान संपादकीय मंडल के सदस्यों ने पत्रिका की सामग्री और उसके प्रकाशन से जुड़े साहित्यिक उद्देश्यों पर अपने विचार साझा किए। उनके वक्तव्यों में साहित्यिक पत्रिकाओं की उपयोगिता, रचनात्मक लेखन के संरक्षण तथा साहित्यकारों को उपयुक्त मंच उपलब्ध कराने की आवश्यकता प्रमुख रूप से सामने आई। आयोजन ने यह संदेश भी दिया कि डिजिटल माध्यमों के विस्तार के साथ साहित्यिक गतिविधियों को देश की सीमाओं से परे व्यापक पाठक समुदाय तक पहुंचाने की संभावनाएं लगातार बढ़ रही हैं।

कार्यक्रम का सीधा प्रसारण ‘शब्दाक्षर’ के आधिकारिक केंद्रीय फेसबुक पेज सहित विभिन्न डिजिटल माध्यमों पर किया गया। इसके माध्यम से देश-विदेश में रह रहे साहित्यप्रेमियों को लोकार्पण समारोह से जुड़ने और प्रस्तुत साहित्यिक एवं काव्य रचनाओं का आनंद लेने का अवसर मिला। ऑनलाइन आयोजन ने साहित्यिक गतिविधियों में सहभागिता के लिए भौगोलिक दूरी की बाधा को कम किया और हिंदी साहित्य के प्रति रुचि रखने वाले लोगों को एक साझा मंच पर जोड़ा।

साहित्यिक जगत में पत्र-पत्रिकाओं का महत्व केवल रचनाओं के प्रकाशन तक सीमित नहीं है। वे अपने समय की सामाजिक, सांस्कृतिक और वैचारिक प्रवृत्तियों का दस्तावेज भी तैयार करती हैं। इस दृष्टि से ‘शब्दाक्षर पत्रिका’ का यह विशेषांक साहित्यिक आयोजन की स्मृतियों को संरक्षित करने के साथ-साथ विभिन्न रचनाकारों के विचारों और सृजन को पाठकों तक पहुंचाने का माध्यम बनेगा।लोकार्पण समारोह के साथ ‘शब्दाक्षर’ ने हिंदी साहित्य के प्रचार-प्रसार, साहित्यकारों के सम्मान और नवोदित प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के अपने संकल्प को एक बार फिर रेखांकित किया। उम्मीद है कि जुलाई-सितंबर 2026 का यह विशेषांक साहित्यप्रेमियों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों तथा हिंदी भाषा के पाठकों के बीच अपनी विशिष्ट पहचान बनाएगा और साहित्यिक विमर्श को नई दिशा देने में योगदान करेगा।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ