देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ महारैली में हजारों लोग दिल्ली जाएंगे

देश बचाओ, लोकतंत्र बचाओ, वोट बचाओ महारैली में हजारों लोग दिल्ली जाएंगे

डॉ अनमोल कुमार

गयाजी ।आज देश के लोकतंत्र, संविधान और मताधिकार की रक्षा का सवाल पूरे देश के सामने खड़ा है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मानना है कि लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है और जनता के वोट से ही सरकार बनती है। यदि मतदाता सूची से पात्र नागरिकों के नाम गलत तरीके से हटाए जाते हैं, तो यह केवल प्रशासनिक चूक का मामला नहीं, बल्कि नागरिकों के संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा अत्यंत गंभीर विषय है।
देशभर में चल रही विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूचियों के मसौदों से लगभग 13.37 करोड़ नाम हटाए जाने की खबरों ने गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यह आंकड़ा मसौदा मतदाता सूचियों से हटाए गए नामों का है; इसे अंतिम रूप से अपात्र घोषित किए गए मतदाताओं की संख्या नहीं माना जाना चाहिए। फिर भी, इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए जाने की प्रक्रिया, उसके आधार और पात्र मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर पारदर्शी जवाबदेही आवश्यक है।
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि एसआईआर की प्रक्रिया में वास्तविक मतदाताओं के नाम गलत तरीके से हटने और पात्र नागरिकों के मताधिकार से वंचित होने का खतरा पैदा हुआ है। निर्वाचन आयोग को देश के प्रत्येक नागरिक के इस सवाल का जवाब देना चाहिए कि मतदाता सूची से नाम हटाने की प्रक्रिया में कितनी सावधानी बरती गई और जिन पात्र मतदाताओं के नाम छूट गए, उन्हें समय पर न्याय कैसे मिलेगा।
प्रेस वार्ता में गया जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष, रजनीश कुमार झुंना ने ए आई सी सी के ऑब्जर्वर का स्वागत करते हुए सभी से उनका परिचय करवाया।
कांग्रेस पार्टी का मत है कि निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता और नियुक्ति प्रक्रिया में कार्यपालिका के प्रभाव को लेकर गंभीर लोकतांत्रिक बहस आवश्यक है। नियुक्ति प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए, जिससे निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर जनता का विश्वास मज
चुनाव लोकतंत्र का उत्सव तभी बनता है, जब प्रत्येक पात्र नागरिक को यह भरोसा हो कि उसका वोट सुरक्षित है और उसकी आवाज का सम्मान किया जाएगा। यदि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलाव होते हैं और उन बदलावों को लेकर गंभीर सवाल उठते हैं, तो निर्वाचन आयोग की जिम्मेदारी है कि वह हर सवाल का पारदर्शी जवाब दे।
कांग्रेस पार्टी का आरोप है कि भाजपा और केंद्र सरकार की नीतियों ने निर्वाचन आयोग की स्वतंत्रता को लेकर संदेह पैदा किया है। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि चुनावी प्रक्रिया किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में प्रभावित न हो।
कांग्रेस यह भी स्पष्ट करना चाहती है कि चुनाव में जीत या हार अपने आप में किसी अनियमितता का प्रमाण नहीं है। इसी प्रकार, केवल आरोप लगा देने से वोट चोरी सिद्ध नहीं हो जाती। प्रत्येक शिकायत की जांच तथ्यों, दस्तावेजों और वैधानिक प्रक्रिया के आधार पर होनी चाहिए। लेकिन गंभीर शिकायतों की निष्पक्ष जांच से बचना भी उचित नहीं है। प्रेस कांफ्रेंस में बिहार प्रदेश कॉंग्रेस कमिटी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व उपमहापौर मोहन श्रीवास्तव,, सत्येंद्र नारायण सिंह, प्रदेश प्रतिनिधि विजय कुमार मिट्ठू, जिला उपाध्यक्ष युगल किशोर सिंह, विद्या शर्मा, रामाश्रय सिंह, मदीना खातून, मोहम्मद नवाब अली, सैफुल इस्लाम, अशोक भारती, नगर प्रखंड दो के अध्यक्ष अर्जुन गुप्ता, नवीन कुमार, धर्मेंद्र शर्मा, ओंकार शक्ति, नवल किशोर शर्मा, राजीव कुमार सिंह उर्फ लबी सिंह, कौशल श्रीवसतव, गोपाल पासवान, ब्रजेश राय, मानपूर प्रखंड अध्यक्ष चंदन कुमार महतो, टिकारी प्रखंड अध्यक्ष नाथून पासवान, कोंच प्रखंड अध्यक्ष ईमारान अहमद, अंजारूल हक, पंकज पासवान, मिथिलेश कुमार सिंह, शिवनाथ प्रसाद निराला, कैलाश प्रसाद यादव, राज् कुमार सोती, परशुराम सिंह, सहित कई साथी मौजूद रहे।
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