राष्ट्रीय डाक सप्ताह का शुभारंभ: बिहार डाक परिमंडल ने खोले 62 लाख खाते, देश में प्रथम स्थान हासिल

- बीमा, बचत, स्पीड पोस्ट और डिजिटल सेवाओं में बिहार डाक विभाग की उल्लेखनीय प्रगति; 9 से 15 अक्टूबर तक मनाया जाएगा राष्ट्रीय डाक सप्ताह
पटना, 9 अक्टूबर 2026। बिहार डाक परिमंडल में शुक्रवार को विश्व डाक दिवस के अवसर पर राष्ट्रीय डाक सप्ताह 2026 का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बिहार परिमंडल की मुख्य डाक महाध्यक्ष श्रीमती शशि शालिनी कुजूर ने सप्ताहव्यापी कार्यक्रमों की शुरुआत की। कार्यक्रम में डाक निदेशक, मुख्यालय श्रीमती प्रियंका जैन भी उपस्थित रहीं। राष्ट्रीय डाक सप्ताह 9 अक्टूबर से 15 अक्टूबर 2026 तक मनाया जाएगा। इस दौरान डाक सेवाओं के विस्तार, वित्तीय समावेशन, फिलाटेली अर्थात डाक टिकट संग्रह, मेल एवं पार्सल वितरण, तकनीकी नवाचार और डिजिटल सेवाओं के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान मुख्य डाक महाध्यक्ष ने बिहार डाक परिमंडल की उपलब्धियों और भावी योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में बिहार डाक परिमंडल ने कुल 62 लाख खाते खोलकर देशभर में प्रथम स्थान प्राप्त किया। यह उपलब्धि डाक विभाग की व्यापक जनभागीदारी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में उसकी मजबूत पहुंच तथा बचत एवं वित्तीय सेवाओं के प्रति लोगों के बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने कहा कि डाक विभाग परंपरागत पत्र और पार्सल सेवाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि आज वह बचत, बीमा, आधार, पासपोर्ट, डिजिटल भुगतान और नागरिक सेवाओं के माध्यम से जनसामान्य के जीवन से सीधे जुड़ा हुआ है।
बीमा सेवाओं में विस्तार, दो लाख लोगों को जोड़ने का लक्ष्य
बिहार डाक परिमंडल ने ग्रामीण डाक जीवन बीमा व्यवसाय से अर्जन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। विभाग के अनुसार, पिछले वित्तीय वर्ष में इस क्षेत्र में बिहार परिमंडल ने देशभर में तीसरा स्थान प्राप्त किया था। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक ग्रामीण डाक जीवन बीमा और डाक जीवन बीमा योजनाओं के अंतर्गत कुल 56,890 नई पॉलिसियां खोली गई हैं। इन पॉलिसियों के तहत कुल बीमित राशि 3,136.17 करोड़ रुपये बताई गई है, जबकि प्रीमियम की राशि 47 करोड़ रुपये से अधिक है।
मुख्य डाक महाध्यक्ष ने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष की समाप्ति तक दो लाख से अधिक लोगों को ग्रामीण डाक जीवन बीमा एवं डाक जीवन बीमा योजनाओं से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इन योजनाओं के माध्यम से लोगों तक बीमा सुरक्षा पहुंचाने और वित्तीय भविष्य को अधिक सुरक्षित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग की मौजूदगी बीमा सेवाओं को आम नागरिकों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
1.92 करोड़ बचत खाते, एक करोड़ नए खाताधारकों को जोड़ने का लक्ष्य
वित्तीय समावेशन के क्षेत्र में बिहार डाक परिमंडल का नेटवर्क व्यापक है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में वित्तीय समावेशन के अंतर्गत 1.92 करोड़ बचत खाते खोले जा चुके हैं। इसके साथ ही एक करोड़ नए खाताधारकों को विभागीय वित्तीय सेवाओं से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
डाकघरों के माध्यम से बचत खाते और अन्य वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराकर उन नागरिकों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है, जिन्हें बैंकिंग और वित्तीय सुविधाओं तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीण क्षेत्रों में शाखा डाकघरों का नेटवर्क इस दिशा में विशेष महत्व रखता है। वित्तीय सेवाओं का विस्तार लोगों में बचत की आदत विकसित करने, आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था से जुड़ाव मजबूत करने में सहायक हो सकता है।
स्पीड पोस्ट में 35 प्रतिशत और पार्सल बुकिंग में 20 प्रतिशत की वृद्धि
मेल और पार्सल सेवाओं में भी बिहार डाक परिमंडल ने प्रगति दर्ज की है। विभाग की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष की तुलना में स्पीड पोस्ट कारोबार में 35 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और 1.6 लाख स्पीड पोस्ट की बुकिंग की गई है। वहीं पार्सल बुकिंग में 20 प्रतिशत की वृद्धि के साथ छह लाख पार्सल बुक किए गए हैं।
राजस्व प्राप्ति के मामले में बिहार डाक परिमंडल चालू वित्तीय वर्ष में भी देशभर में दूसरे स्थान पर बना हुआ है। ग्राहकों की सुविधा के लिए पटना, मुजफ्फरपुर, हाजीपुर, बरौनी, गया तथा अन्य डाकघरों में 24 घंटे, सातों दिन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। इससे उन ग्राहकों को लाभ मिल सकता है, जिन्हें सामान्य कार्यालय समय के अतिरिक्त भी डाक या पार्सल भेजने की आवश्यकता होती है।
डाक सेवाओं में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच समयबद्ध वितरण, बुकिंग की सुगमता और ग्राहकों की जरूरतों के अनुरूप सुविधाओं का विस्तार विभाग के लिए महत्वपूर्ण है। बिहार परिमंडल द्वारा बुकिंग सुविधाओं के विस्तार और तकनीकी सुधारों पर दिया जा रहा जोर इसी दिशा में एक प्रयास है।
315 डाकघरों के माध्यम से आधार सेवाएं, 38 केंद्रों से पासपोर्ट सुविधा
नागरिक सेवाओं के विस्तार में भी बिहार डाक परिमंडल की भूमिका उल्लेखनीय रही है। विभाग के अनुसार, राज्य के 315 विभिन्न डाकघरों के माध्यम से आधार सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इनके जरिए 6.35 लाख से अधिक आधार नामांकन और अद्यतन संबंधी कार्य किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त, बिहार में 38 डाकघर पासपोर्ट सेवा केंद्रों के माध्यम से 1.60 लाख से अधिक नए पासपोर्ट बनाए गए हैं। डाकघरों के जरिए ऐसी सेवाएं उपलब्ध होने से नागरिकों को अपने आसपास ही आवश्यक सुविधाएं प्राप्त करने का अवसर मिलता है। इससे दूर-दराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में मदद मिलती है।
अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता के विजेताओं को मिला सम्मान
विश्व डाक दिवस के अवसर पर अंतरराष्ट्रीय पत्र लेखन प्रतियोगिता 2026 के तीन सफल विजेताओं को पुरस्कृत किया गया। मुख्य डाक महाध्यक्ष श्रीमती शशि शालिनी कुजूर ने विजेताओं को सम्मानित करते हुए उनकी उपलब्धि को प्रोत्साहित किया।
प्रतियोगिता में बाल्डविन एकेडमी, पटना की सुमन कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया और उन्हें 25,000 रुपये का पुरस्कार दिया गया। माउंट लेटरा जी स्कूल, आरा के विराट कश्यप ने द्वितीय स्थान प्राप्त कर 10,000 रुपये का पुरस्कार हासिल किया। इसी विद्यालय की आलोकी गुप्ता तृतीय स्थान पर रहीं और उन्हें 5,000 रुपये प्रदान किए गए।
पत्र लेखन प्रतियोगिताएं बच्चों और युवाओं में रचनात्मक अभिव्यक्ति, भाषा कौशल तथा पत्र लेखन की परंपरा के प्रति रुचि बढ़ाने का माध्यम हैं। डिजिटल संचार के बढ़ते दौर में भी पत्रों का अपना साहित्यिक, सामाजिक और भावनात्मक महत्व बना हुआ है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को इस परंपरा से जोड़ने का अवसर मिलता है।
बिहार में डाक नेटवर्क की व्यापक संरचना
बिहार डाक परिमंडल राज्य में नागरिकों तक डाक एवं संबंधित सेवाएं पहुंचाने के लिए विस्तृत नेटवर्क के माध्यम से कार्य कर रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार, परिमंडल में एक जनरल पोस्ट ऑफिस (जीपीओ), 32 प्रधान डाकघर, 1,044 उप डाकघर तथा 8,284 शाखा डाकघर कार्यरत हैं।
इतने व्यापक नेटवर्क के माध्यम से शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में भी डाक सेवाएं पहुंचाई जाती हैं। इस संरचना को और सुदृढ़ करने के लिए विभाग द्वारा नए भवनों के निर्माण, पुराने डाकघरों के नवीनीकरण, सौर ऊर्जा व्यवस्था तथा आधुनिक सुविधाओं से युक्त डाकघरों के विकास की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
वित्तीय वर्ष 2026-27 में तीन नए डाकघर भवन तैयार
आधारभूत संरचना के विकास के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 में तीन नए डाकघर भवनों का निर्माण सफलतापूर्वक पूरा किया गया है। इनमें गया, मीठापुर-पटना और पियार-मुजफ्फरपुर के डाकघर शामिल हैं। इसके अलावा सहदेई बुजुर्ग, वैशाली तथा बहियारी, सिवान में डाकघर भवनों के निर्माण का प्रस्ताव डाक निदेशालय को भेजा गया है।
डाकघरों के भवनों का विकास केवल भौतिक संरचना तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्यस्थल और आम नागरिकों के लिए सुविधाजनक सेवा केंद्र उपलब्ध कराना भी है। आधुनिक भवनों में सेवाओं का सुव्यवस्थित संचालन और ग्राहकों के लिए बेहतर वातावरण तैयार करने में मदद मिलती है।
जन सेवा कनेक्ट के तहत डाकघरों का नवीनीकरण
डाकघरों को अधिक आधुनिक और ग्राहक-अनुकूल बनाने के लिए जन सेवा कनेक्ट (SPA) के तहत नवीनीकरण का कार्य भी किया जा रहा है। विभाग के अनुसार, पाटलिपुत्र उप डाकघर का नवीनीकरण पूरा हो चुका है। गया आरएस, भागलपुर सिटी और किशनगंज उप डाकघरों का नवीनीकरण चालू वित्तीय वर्ष में पूरा करने की योजना है।
इन कार्यों के माध्यम से डाकघरों की आधारभूत सुविधाओं में सुधार, सेवा प्रदान करने की व्यवस्था को बेहतर बनाने और ग्राहकों के अनुभव को अधिक सुविधाजनक बनाने का प्रयास किया जा रहा है।
सौर ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल डाकघर
ऊर्जा दक्षता और वैकल्पिक ऊर्जा के उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए हाजीपुर, सीतामढ़ी और पूर्णिया प्रधान डाकघरों में सोलर पावर पैक स्थापित करने का कार्य चालू वित्तीय वर्ष में पूरा करने की योजना है।
सरकारी कार्यालयों में सौर ऊर्जा का उपयोग बिजली की उपलब्धता को बेहतर बनाने और पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों पर निर्भरता कम करने की दिशा में उपयोगी कदम हो सकता है। डाकघरों में इस तरह की व्यवस्था से ऊर्जा प्रबंधन में सुधार और पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार कार्यप्रणाली को प्रोत्साहन मिल सकता है।
एन-जेन डाकघर: युवाओं और शैक्षणिक परिसरों पर विशेष ध्यान
डाक सेवाओं को नई पीढ़ी से जोड़ने और शैक्षणिक परिसरों में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार करने के उद्देश्य से नेक्स्ट जनरेशन यानी एन-जेन डाकघरों की स्थापना की जा रही है। विभाग ने बताया कि आईआईटी पटना, मगध विश्वविद्यालय, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय, दरभंगा, भागलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज तथा डॉ. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा, समस्तीपुर जैसे संस्थानों और परिसरों को डिजिटल हब के रूप में विकसित करने की दिशा में कार्य किया गया है।
इसके अतिरिक्त बिहार विश्वविद्यालय, मुजफ्फरपुर, ए.जी. बाजार उप डाकघर, नालंदा उप डाकघर, टी.एन.बी. कॉलेज, भागलपुर और एस.एन. सिन्हा कॉलेज, औरंगाबाद में एन-जेन डाकघर से संबंधित अग्रेतर कार्य प्रगति पर है।
इस पहल का उद्देश्य युवाओं और विद्यार्थियों को डाक विभाग की आधुनिक सेवाओं से जोड़ना तथा शैक्षणिक संस्थानों के आसपास सेवाओं की उपलब्धता बढ़ाना है। बदलते समय में डाकघरों को केवल पत्र भेजने के केंद्र के बजाय बहुउद्देशीय नागरिक सेवा केंद्र के रूप में विकसित करना विभाग की प्राथमिकताओं में शामिल है।
दिव्यांगजनों के लिए रैंप और महिला शौचालयों की व्यवस्था
डाकघरों को अधिक समावेशी और सुविधाजनक बनाने के लिए दिव्यांगजनों की पहुंच और महिलाओं की आवश्यकताओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। विभाग के अनुसार, दिव्यांगजनों के लिए रैंप तथा महिला शौचालयों के निर्माण हेतु इस वित्तीय वर्ष में सुहिर्द नगर महिला डाकघर, सिवान प्रधान डाकघर और सीतामढ़ी प्रधान डाकघर का चयन किया गया है।
सार्वजनिक सेवा संस्थानों में सुगम पहुंच और बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता नागरिकों की गरिमा तथा समान भागीदारी के लिए महत्वपूर्ण है। इन कार्यों के पूरा होने से संबंधित डाकघरों में आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।
हर महीने 50 लाख स्पीड पोस्ट और 2.75 लाख पार्सल का वितरण
बिहार डाक परिमंडल में वितरण व्यवस्था को तेज और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर काम किया जा रहा है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, परिमंडल में हर महीने लगभग 50 लाख स्पीड पोस्ट तथा 2.75 लाख पार्सल वितरित किए जा रहे हैं।
प्रमुख शहरी क्षेत्रों में तेज वितरण के लिए वर्तमान में 14 इंट्रा-सिटी डिलीवरी सेंटर (IDC) कार्यरत हैं। ये केंद्र प्रति माह लगभग पांच लाख डाक वस्तुओं का प्रसंस्करण करते हैं। शहरी क्षेत्रों में वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में इन केंद्रों की महत्वपूर्ण भूमिका है।
तेजी से बढ़ते ई-कॉमर्स और ऑनलाइन खरीदारी के दौर में पार्सल वितरण की मांग लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। ऐसे में डाक विभाग के लिए बुकिंग, छंटाई, परिवहन और अंतिम छोर तक वितरण की व्यवस्था को बेहतर बनाना आवश्यक है।
कैश-ऑन-डिलीवरी में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा
डाक विभाग ने पार्सल वितरण के दौरान भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने की दिशा में भी कदम उठाया है। विभाग के अनुसार, अप्रैल 2026 से कैश-ऑन-डिलीवरी (COD) वस्तुओं पर डिजिटल भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इस सुविधा के अंतर्गत अब तक 70 हजार से अधिक लेन-देन किए जा चुके हैं, जिनका कुल मूल्य लगभग 9.25 करोड़ रुपये है।
डिजिटल भुगतान की सुविधा से ग्राहकों को नकदी पर निर्भरता कम करने और भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुविधाजनक बनाने का विकल्प मिलता है। इससे भुगतान का रिकॉर्ड रखने और लेन-देन की पारदर्शिता बढ़ाने में भी सहायता मिल सकती है।
एपीटी 2.0 से डाक सेवाओं का डिजिटल रूपांतरण
डाक विभाग की तकनीकी आधुनिकीकरण प्रक्रिया में एडवांस पोस्टल टेक्नोलॉजी (APT 2.0) प्लेटफॉर्म की अहम भूमिका बताई गई है। विभाग के अनुसार, इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से बुकिंग से लेकर अंतिम डिलीवरी तक की प्रक्रिया को डिजिटल और पेपरलेस बनाने की दिशा में काम किया गया है।
इसके साथ ही डाक कर्मियों के लिए मोबाइल आधारित डोर स्टेप सर्विसेज (DSS) ऐप उपलब्ध कराया गया है। इस ऐप का उद्देश्य वितरण प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाना तथा वास्तविक समय में आवश्यक जानकारी दर्ज करने की सुविधा प्रदान करना है।
तकनीकी बदलावों से डाक सेवाओं की निगरानी, कार्यप्रवाह और ग्राहक सेवा में सुधार की संभावनाएं बढ़ती हैं। राष्ट्रीय डाक सप्ताह के दौरान प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के माध्यम से ऐसी पहलों और आधुनिक सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
1,635 शाखा डाकघर पंचायत सरकार भवनों में स्थानांतरित
ग्रामीण क्षेत्रों में डाक सेवाओं की पहुंच और दृश्यता बढ़ाने के लिए बिहार डाक परिमंडल ने 1,635 शाखा डाकघरों को पंचायत सरकार भवनों में स्थानांतरित किया है। विभाग के अनुसार, इस कदम से आम नागरिकों को डाक सेवाओं तक पहुंचने में बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
पंचायत सरकार भवनों में शाखा डाकघरों की मौजूदगी स्थानीय स्तर पर नागरिक सेवाओं की उपलब्धता को मजबूत कर सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में डाक विभाग का यह नेटवर्क बचत, बीमा, पत्र और पार्सल सेवाओं सहित विभिन्न सुविधाओं को लोगों के निकट उपलब्ध कराने में उपयोगी है।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह में प्रतिदिन अलग विषय पर कार्यक्रम
बिहार डाक परिमंडल में राष्ट्रीय डाक सप्ताह के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग विषयों पर गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, 9 अक्टूबर को विश्व डाक दिवस के साथ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। 12 अक्टूबर को फन विद फिलाटेली के तहत डाक टिकट संग्रह और फिलाटेली से संबंधित गतिविधियों पर ध्यान दिया जाएगा। 13 अक्टूबर को वित्तीय समावेशन एवं सीसीएस से जुड़े विषयों को प्रमुखता दी जाएगी।
इसी क्रम में 14 अक्टूबर को मेल्स एवं पार्सल दिवस मनाया जाएगा, जबकि 15 अक्टूबर को प्रौद्योगिकी एवं नवाचार दिवस के अंतर्गत डाक सेवाओं में आधुनिक तकनीक, डिजिटल परिवर्तन और नवाचार की भूमिका पर जोर रहेगा।
इन आयोजनों का उद्देश्य डाक विभाग की सेवाओं के प्रति लोगों को जागरूक करना, विद्यार्थियों एवं युवाओं को जोड़ना और नागरिकों को उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देना है।
आधुनिक सेवाओं के साथ जनमानस तक पहुंचने का प्रयास: प्रियंका जैन
डाक निदेशक, मुख्यालय श्रीमती प्रियंका जैन ने कहा कि डाक विभाग अपनी सेवाओं को जनमानस तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने डाक सेवा ऐप, डिजिटल भुगतान, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग तथा बुकिंग और वितरण में ट्रैक एंड ट्रेस जैसी सुविधाओं के माध्यम से विभाग के आधुनिकीकरण की दिशा में हो रही प्रगति का उल्लेख किया।
डाक विभाग का लक्ष्य परंपरागत सेवाओं की विश्वसनीयता को बनाए रखते हुए आधुनिक तकनीक के अनुरूप अपनी कार्यप्रणाली को विकसित करना है। डिजिटल सुविधाओं के विस्तार से ग्राहकों को सेवाओं का लाभ अधिक सुगमता से उपलब्ध कराने और डाक नेटवर्क को समय की आवश्यकताओं के अनुरूप मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
परंपरा से तकनीक तक, डाक सेवाओं का बदलता स्वरूप
विश्व डाक दिवस और राष्ट्रीय डाक सप्ताह का आयोजन ऐसे समय में हो रहा है, जब संचार और वाणिज्य की दुनिया तेजी से बदल रही है। डिजिटल संदेशों और ऑनलाइन सेवाओं के विस्तार के बावजूद डाक विभाग की भूमिका पत्रों, दस्तावेजों, पार्सलों, बचत योजनाओं, बीमा और नागरिक सेवाओं में महत्वपूर्ण बनी हुई है।
बिहार डाक परिमंडल की ओर से प्रस्तुत आंकड़े खातों के विस्तार, बीमा कारोबार, स्पीड पोस्ट एवं पार्सल सेवाओं, आधार और पासपोर्ट सुविधाओं तथा आधारभूत संरचना के विकास में किए जा रहे प्रयासों को रेखांकित करते हैं। साथ ही, नई तकनीक, डिजिटल भुगतान, सौर ऊर्जा और आधुनिक डाकघरों से संबंधित योजनाएं विभाग की बदलती प्राथमिकताओं को सामने लाती हैं।
राष्ट्रीय डाक सप्ताह के माध्यम से इन उपलब्धियों और सेवाओं को आम लोगों तक पहुंचाने के साथ ही विभाग और नागरिकों के बीच संपर्क को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा। डाक विभाग की व्यापक पहुंच, सेवा नेटवर्क और तकनीकी परिवर्तन आने वाले समय में बिहार के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों में नागरिक सुविधाओं के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण आधार बन सकते हैं।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews