खाद्य सुरक्षा को लेकर राज्यभर में सघन अभियान, 27 अगस्त से 01 अक्टूबर तक 13 मामलों में अभियोजन

- 812 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित, मिलावटी एवं एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री का कराया गया विनष्टीकरण
- 35,454 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सीज, खाद्य प्रतिष्ठानों में स्वच्छता एवं मानकों की जांच तेज
01 अक्टूबर 2026
राज्य में आम लोगों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य प्रतिष्ठानों के निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूना संग्रहण एवं प्रयोगशाला जांच की कार्रवाई लगातार जारी है। माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत के निर्देश एवं सचिव-सह-खाद्य संरक्षा आयुक्त श्री कुमार रवि के मार्गदर्शन में खाद्य संरक्षा अधिकारियों द्वारा राज्य के विभिन्न जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन की जांच की जा रही है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की जा रही है।
माननीय स्वास्थ्य मंत्री श्री निशांत ने कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर राज्य सरकार पूरी तरह गंभीर है। मिलावटी, संदूषित अथवा एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री के मामले सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
27 अगस्त से 01 अक्टूबर तक राज्यभर में सघन निरीक्षण
27 अगस्त से 01 अक्टूबर 2026 तक राज्य में खाद्य संरक्षा को लेकर विशेष अभियान चलाया गया। इस अवधि में विभिन्न जिलों में खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित कर जांच तथा नियमों के उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। अभियान के क्रम में अब तक 13 मामलों में अभियोजन की कार्रवाई की जा चुकी है।

खाद्य संरक्षा अधिकारियों द्वारा शेखपुरा, जमुई, लखीसराय, खगड़िया, नालंदा, नवादा, समस्तीपुर, दरभंगा, मधुबनी, गया, अरवल, भागलपुर, बांका, कटिहार, वैशाली, पश्चिमी चंपारण, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, बेगूसराय, सहरसा, सुपौल, छपरा, पूर्वी चंपारण, पटना, मुंगेर, पूर्णिया, मधेपुरा, सीवान, गोपालगंज, जहानाबाद, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर एवं भोजपुर सहित विभिन्न जिलों में निरीक्षण एवं जांच की कार्रवाई की गई।
अबतक 812 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित
खाद्य सुरक्षा एवं जन स्वास्थ्य के दृष्टिगत चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक विभिन्न खाद्य श्रेणियों के 812 से अधिक खाद्य नमूने संग्रहित किए गए हैं। इनमें दुग्ध एवं दुग्ध उत्पाद, मिठाई, अनाज एवं दाल, मसाले एवं सॉस, बेवरेज, खाद्य तेल, स्ट्रीट फूड, बेकरी एवं अन्य खाद्य श्रेणियों के नमूने शामिल हैं।
निरीक्षण के दौरान पनीर, खोवा, पेड़ा, दूध, दही, घी, मक्खन, दाल, चावल, आटा, मैदा, मसाले, खाद्य तेल, मिठाइयां तथा विभिन्न पेय पदार्थों, कोल्ड ड्रिंक्स, जूस एवं पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर के नमूने संग्रहित किए गए। संग्रहित नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद्य प्रयोगशालाओं में जांच के लिए भेजा गया है।
राज्यभर में मिलावटी, संदूषित एवं एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री पर कार्रवाई
निरीक्षण के दौरान कई प्रतिष्ठानों में अशुद्ध, मिलावटी, संदूषित एवं एक्सपायर्ड खाद्य सामग्री पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की गई। खराब पनीर, छेना, पेड़ा, सोनपापड़ी, कोल्ड ड्रिंक्स, सॉस सहित अन्य खाद्य पदार्थों को मौके पर नष्ट कराया गया।
वैशाली एवं पश्चिमी चंपारण क्षेत्र में 72 किलोग्राम खराब पनीर नष्ट कराया गया, जबकि 35,454 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर सीज किया गया। मुजफ्फरपुर क्षेत्र में लगभग 105 किलोग्राम संदूषित पनीर नष्ट कराया गया। वहीं मुंगेर, पूर्णिया एवं मधेपुरा क्षेत्रों में खराब पेड़ा, बर्फी एवं केक आदि को नष्ट कराया गया।
बेगूसराय में 1 लीटर की 310 बोतल एवं 500 एमएल की 1,230 बोतल पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर जब्त की गईं।
खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन का निर्देश
खाद्य कारोबारियों एवं प्रतिष्ठान संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। प्रतिष्ठानों में FIFO (First-In, First-Out) व्यवस्था का पालन करने, किचेन एवं परिसर में नियमित साफ-सफाई रखने तथा उपभोक्ताओं को ताजा एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने को कहा गया है।
इसके साथ ही खाद्य एवं गैर-खाद्य सामग्री तथा शाकाहारी एवं मांसाहारी खाद्य पदार्थों को अलग-अलग रखने, खाद्य प्रतिष्ठान के सामने FSSAI रजिस्ट्रेशन/लाइसेंस प्रदर्शित करने तथा जिन प्रतिष्ठानों के पास आवश्यक पंजीयन अथवा लाइसेंस नहीं है, उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द पंजीयन/लाइसेंस प्राप्त करने का निर्देश दिया गया है।
पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर एवं लेबलिंग पर विशेष निगरानी
खाद्य सुरक्षा टीमों द्वारा पैकेज्ड ड्रिंकिंग वाटर प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। निरीक्षण के दौरान FSSAI लाइसेंस, लेबलिंग, बैच नंबर, निर्माता का विवरण एवं अन्य निर्धारित मानकों की जांच की जा रही है। मानकों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
त्योहारी सीजन के मद्देनजर निगरानी और सघन की गई
आगामी दुर्गापूजा सहित त्योहारी अवधि को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों, मिठाई दुकानों, डेयरी उत्पादों, पेय पदार्थों एवं अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। खाद्य संरक्षा अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण कर नमूना संग्रहण एवं जांच की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम लोगों से भी अपील की गई है कि वे खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी गुणवत्ता, पैकेजिंग, निर्माण एवं उपयोग की अंतिम तिथि तथा FSSAI लाइसेंस/रजिस्ट्रेशन संबंधी जानकारी अवश्य देखें। खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विभाग को इसकी सूचना दें।
स्वास्थ्य विभाग का उद्देश्य राज्य में सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना तथा खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी अनुपालन के माध्यम से आम लोगों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है।
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