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समाजसेवी प्रधान श्री राम कसाना की प्रार्थना सभा हुई संपन्न, बड़ी संख्या में लोगों ने दी श्रद्धांजलि

समाजसेवी प्रधान श्री राम कसाना की प्रार्थना सभा हुई संपन्न, बड़ी संख्या में लोगों ने दी श्रद्धांजलि

लोनी। यहां स्थित गांव जावली के प्रसिद्ध समाजसेवी प्रधान श्री राम की प्रार्थना सभा के अवसर पर यज्ञ का आयोजन किया गया। उसके पश्चात उन्हें समाज सेवी प्रतिष्ठित लोगों की ओर से श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश की न्याय सभा के प्रधान न्यायाधीश और आर्य प्रतिनिधि सभा जनपद गौतम बुद्ध नगर के अध्यक्ष डॉ राकेश कुमार आर्य ने इस अवसर पर कहा कि प्रधान श्री राम एक जाने-माने समाजसेवी और शालीन व्यक्तित्व के धनी थे। उनके निधन से समाज को अपूर्णनीय क्षति हुई है। वह ऐसे समय में गए हैं जब समाज एक संक्रमण काल से गुजर रहा है। कथित जैन जी जिस प्रकार पुरानी पीढ़ी को अपमानित कर पीछे धकेलना चाहती है और भारतीय संस्कारों को पलीता लगाने का काम करती हुई दिखाई दे रही है, उस समय उन जैसे लोगों की बहुत आवश्यकता अनुभव की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि ईशोपनिषद का मंत्र है कि इस शरीर में रहने वाली जीवात्मा आने जाने वाली है अर्थात उसे यह शरीर बदलना ही है और इस शरीर को एक दिन नष्ट होना है अर्थात भस्म होकर समाप्त हो जाना है। इसलिए संसार में रहकर मनुष्य को ओम का स्मरण करना चाहिए अर्थात ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति पर ध्यान देना चाहिए। अपनी शक्ति सामर्थ्य पर ध्यान देना चाहिए अर्थात में संसार में रहकर मैं कितना कुछ कर सकता हूं ? मेरी शक्ति परम पिता परमेश्वर की शक्ति के सामने कितनी देर टिक सकती है ? ऐसा सोचने से मनुष्य अहंकार शून्य होता है। विवेक शक्ति पैदा होकर उसके भीतर वैराग्य उत्पन्न होता है। मंत्र आगे कहता है कि संसार में रहकर मनुष्य को अपने किए हुए कर्मों का स्मरण करना चाहिए, अर्थात हर पल अपने कर्मों पर ध्यान देना चाहिए अपनी कार्य शैली, कार्य योजना और विचारों पर ध्यान देना चाहिए। जिससे कि उसका परलोक सुधर सके।
आर्य प्रतिनिधि सभा गाजियाबाद के प्रधान और समाज के लिए समर्पित रहने वाले विजयपाल सिंह कसाना ने कहा कि श्री राम जी का आचरण, व्यवहार और जीवन प्रेरणा से भरा हुआ था । वह हर सामाजिक गतिविधि में बढ़ चढ़कर भाग लेते थे और न्याय पक्ष का साथ दिया करते थे। उनकी वह सामाजिक शैली हम सबके लिए प्रेरणा का स्रोत है। जिस पर निरंतर कार्य करने की आवश्यकता है। जिससे कि उन जैसे लोगों की परंपरा शाश्वत बनी रहे। उन्होंने दिवंगत श्री राम जी के परिवार के लोगों का आवाहन किया कि वह अपने पूर्वज के द्वारा दिखाए गए रास्ते पर आगे बढ़ने का काम करें। जिससे कि उनके सत्कार्य निरंतर आगे जारी रहें। इसी श्रृंखला में अपने विचार व्यक्त करते हुए आर्य समाज के स्तम्भ और समाजसेवी बबली कसाना ने कहा कि प्रधान श्री राम जी का जीवन सदा जीवन उच्च विचार से भरा हुआ था। उन्होंने जीवन भर छल कपट से बचकर सादगी भरा हुआ जीवन जीने का प्रयास किया। दूसरे लोगों को भी ऐसे ही अच्छे कार्यों में लगे रहने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के भद्र पुरुषों का होना समाज की शान होती है। परंतु विधि की व्यवस्था के सामने सबको नतमस्तक होना पड़ता है। इसके उपरांत भी हम इतना अवश्य कर सकते हैं कि उनकी वैचारिक परंपरा को निरंतर आगे बनाए रखने के लिए प्रयास करें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
प्रधान श्री राम जी के दामाद नवादा दनकौर निवासी प्रधान विजेंद्र सिंह ने बताया कि प्रधान श्री राम कसाना जी का जन्म 20 अप्रैल 1945 को हुआ था। उन्होंने जीवन के 84 बसंत देखे। अपने जीवन काल में वह एक सच्चे संत का सा जीवन जीते रहे। क्योंकि उनके जीवन में किसी भी प्रकार की दिखावट नहीं थी। लोकोपकार करना उनके जीवन का व्रत था। अच्छे मार्ग पर चलना और दूसरे लोगों को अच्छे रास्ते पर लाने का प्रयास करना यह उनकी जीवन शैली थी। दिवंगत प्रधान श्री राम कसाना के पुत्र डॉ नरेंद्र कसाना ने परिवार की ओर से समाज को आश्वस्त किया कि वह अपने पूज्य पिता के दिखाये मार्ग पर चलने का प्रयास करते रहेंगे और समाज ने जो प्यार और आशीर्वाद उनकी प्रार्थना सभा में उपस्थित होकर दिया है उसका सम्मान करने का हर संभव प्रयास करेंगे। इस अवसर पर सैकड़ो लोगों ने दिवंगत प्रधान श्री राम कसाना को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलिअर्पित की।
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