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अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन पैनल डिस्कशन एवं छह तकनीकी सत्र का हुआ आयोजन

अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के पहले दिन पैनल डिस्कशन एवं छह तकनीकी सत्र का हुआ आयोजन

उद्घाटन सत्र के बाद “Voter Registration and Voter Register” विषय पर पैनल चर्चा आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री डी.एन. गौतम ने की तथा प्रो. संदीप शास्त्री सह-अध्यक्ष रहे। विशेषज्ञों ने मतदाता जागरूकता, निर्वाचन समावेशन, मतदान की सुगमता, EPIC एवं मतदाता सूची में एकरूपता, महिलाओं की निर्वाचन सहभागिता, आंतरिक प्रवासन, सार्वजनिक जवाबदेही, विभिन्न देशों की मतदाता पंजीकरण प्रणालियों तथा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं पर विचार-विमर्श किया।

तकनीकी सत्र–1 “Voter Registration and Voter Register—Strengthening Democracy” विषय पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता प्रो. सुधीर कुमार सिंह ने तथा सह-अध्यक्षता डॉ. प्रतिमा सारंगी ने की। सत्र में नागरिकता, मतदाता पंजीकरण, राजनीतिक दलों की भूमिका एवं लोकतंत्र को सुदृढ़ करने से संबंधित शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए।


तकनीकी सत्र–2* “Voter Registration: Cross Country Experience Across Globe” विषय पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता डॉ. महेश देबता ने तथा सह-अध्यक्षता डॉ. बी.बी. बिस्वास ने की। सत्र में एस्टोनिया, ब्राजील, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, डेनमार्क, घाना, दक्षिण अफ्रीका सहित विभिन्न देशों की मतदाता पंजीकरण प्रणालियों एवं अनुभवों का अध्ययन किया गया।

तकनीकी सत्र–3* “Voter Registration: Theoretical Paradigm” विषय पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता श्री चैतन्य प्रसाद ने तथा सह-अध्यक्षता प्रो. दिवांशु श्रीवास्तव ने की। सत्र में निर्वाचन समावेशन, लोकतांत्रिक सुदृढ़ीकरण एवं मतदाता सूची प्रबंधन के सैद्धांतिक आयामों पर चर्चा की गई।

तकनीकी सत्र–4 “Voter Registration and Voter Register—Social Media and Imperative of Awareness” विषय पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता श्री शिव प्रसाद शर्मा ने तथा सह-अध्यक्षता प्रो. संजय कुमार ने की। सत्र में सोशल मीडिया, बहुभाषी मतदाता जागरूकता, निर्वाचन साक्षरता तथा मतदाता पंजीकरण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग से संबंधित शोध प्रस्तुत किए गए।

तकनीकी सत्र–5 “Voter Registration: Cross Country Experience Across Globe” विषय पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता डॉ. आनंदकुमार आर. शिंदे ने तथा सह-अध्यक्षता डॉ. अरुण राय ने की। सत्र में भारत सहित अन्य लोकतांत्रिक देशों की मतदाता पंजीकरण प्रणालियों, ऑनलाइन पंजीकरण तथा आधुनिक तकनीक के उपयोग पर तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत किए गए।

तकनीकी सत्र–6 “Voter Registration and Voter Register: Gender and Migrant Issues” विषय पर आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता डॉ. चार्वाक पति ने तथा सह-अध्यक्षता डॉ. हनी राज ने की। सत्र में ग्रामीण एवं वंचित समुदायों, प्रवासी आबादी एवं श्रमिकों तथा जनजातीय एवं सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के मतदाता पंजीकरण एवं निर्वाचन समावेशन से संबंधित चुनौतियों पर विचार-विमर्श किया गया।
समानांतर तकनीकी सत्रों के आयोजन के लिए NUSRL के तीन कक्षों/लेक्चर थिएटरों को विशेष रूप से तैयार किया गया था। नॉलेज पार्टनर संस्थानों के प्रोफेसरों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों एवं छात्र स्वयंसेवकों ने सम्मेलन में सक्रिय सहभागिता की। विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवकों ने तकनीकी एवं अकादमिक सत्रों में भाग लेने के साथ सम्मेलन के सुचारु संचालन में भी सहयोग किया।

विषय विशेषज्ञों को विशेष रूप से किया गया आमंत्रित


सम्मेलन की थीम “Voter Registration and Voter Registers” पर प्रतिष्ठित विषय विशेषज्ञों से विशेष शोध-पत्र आमंत्रित किए गए थे। इन विशेषज्ञों को विभिन्न तकनीकी सत्रों की अध्यक्षता करने तथा अपने विशेषज्ञ अनुभव एवं अकादमिक दृष्टिकोण से विचार-विमर्श को समृद्ध करने के लिए विशेष रूप से आमंत्रित किया गया। आमंत्रित विशेषज्ञों में बिहार के पूर्व पुलिस महानिदेशक श्री डी.एन. गौतम, आईपीएस (सेवानिवृत्त); उत्कल विश्वविद्यालय के लोक प्रशासन विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) प्रतिमा सारंगी; एम.एस. रामैया यूनिवर्सिटी ऑफ एप्लाइड साइंसेज के प्रोफेसर ऑफ एमिनेंस एवं सलाहकार डॉ. वी. विजयकुमार; जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ इंटरनेशनल रिलेशंस के सेंटर फॉर इनर एशियन स्टडीज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. महेश देबता; इग्नू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में राजनीति विज्ञान के प्रोफेसर प्रो. सतीश कुमार सिंह; बेंगलुरु विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रोफेसर एवं अध्यक्ष प्रो. सुरेंद्र कुमार; दिल्ली विश्वविद्यालय के कला संकाय के राजनीति विज्ञान विभाग के प्रो. सुधीर कुमार सिंह; जादवपुर विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के प्रो. ईशान नस्कर; दूरदर्शन के पूर्व अपर महानिदेशक श्री चैतन्य प्रसाद; शिव नादर विश्वविद्यालय, चेन्नई के स्कूल ऑफ लॉ के एसोसिएट प्रोफेसर एवं सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च, नई दिल्ली के नॉन-रेजिडेंट फेलो डॉ. राहुल वर्मा; दिल्ली विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग की विभागाध्यक्ष प्रो. रेखा सक्सेना; बेंगलुरु विश्वविद्यालय के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर एवं NITTE एजुकेशन ट्रस्ट, बेंगलुरु कैंपस के उपाध्यक्ष प्रो. संदीप शास्त्री; क्राइस्ट कॉलेज, कानपुर के राजनीति विज्ञान विभाग के पूर्व प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष तथा CSSP, कानपुर के अध्यक्ष प्रो. ए.के. वर्मा; गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, अंडमान एवं निकोबार के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. स्वपन के. बिस्वास; HIPA, गुरुग्राम के प्रोजेक्ट एसोसिएट श्री शिव प्रसाद शर्मा, आईएएस (सेवानिवृत्त); पंचकूला के श्री एस.के. सेठिया, एचसीएस (सेवानिवृत्त); तथा भारतीय सांख्यिकी संस्थान, कोलकाता के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. हरि चरण बेहारा शामिल थे।

इस अवसर पर अपर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी श्री सुबोध कुमार, राज्य प्रशिक्षण नोडल पदाधिकारी श्री देव दास दत्ता, उप निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. धीरज कुमार ठाकुर, अवर निर्वाचन पदाधिकार श्री सुनील कुमार सिंह, प्रो. आलोक कुमार गुप्ता, डॉ. अपर्णा, डॉ. चार्वाक पति, डॉ. आनंदकुमार आर. शिंदे, डॉ. बी.के. सिन्हा एवं डॉ. आशुतोष कुमार पांडेय सहित शिक्षाविद्, शोधकर्ता, विद्यार्थी, छात्र स्वयंसेवक, निर्वाचन विभाग के राष्ट्रीय स्तर के मास्टर ट्रेनर तथा मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय, झारखण्ड के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।

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