बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ में स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रभक्ति का संदेश, जगत नारायण शर्मा ने किया ध्वजारोहण

- स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को किया नमन, देश की एकता-अखंडता एवं सामाजिक सद्भाव बनाए रखने का आह्वान
पटना। 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ आश्रम परिसर में 15 अगस्त को राष्ट्रभक्ति और देशप्रेम से ओतप्रोत वातावरण में स्वतंत्रता दिवस समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बिहार सांस्कृतिक विद्यापीठ के संचालक-सचिव जगत नारायण शर्मा ने राष्ट्रध्वज फहराया और उपस्थित लोगों के साथ स्वतंत्रता सेनानियों तथा देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीरों के त्याग, तपस्या और बलिदान को श्रद्धापूर्वक नमन किया।
ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जगत नारायण शर्मा ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल राष्ट्रीय पर्व मनाने का अवसर नहीं, बल्कि उन असंख्य ज्ञात-अज्ञात स्वतंत्रता सेनानियों को स्मरण करने का दिन है, जिनके संघर्ष और बलिदान के कारण देश को स्वतंत्रता प्राप्त हुई। उन्होंने कहा कि आजादी की रक्षा करना और राष्ट्र की एकता तथा अखंडता को मजबूत बनाए रखना वर्तमान पीढ़ी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
उन्होंने देशवासियों से मनसा, वाचा और कर्मणा राष्ट्रहित के लिए समर्पित रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक के भीतर देश के प्रति साहस, उत्साह, वीरता और जिम्मेदारी की भावना होनी चाहिए। देश की प्रगति केवल सरकारों के प्रयास से संभव नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक वर्ग और प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
कन्याकुमारी से कश्मीर तक एकता का संदेश
जगत नारायण शर्मा ने देश की भौगोलिक और सामाजिक विविधता का उल्लेख करते हुए कहा कि कन्याकुमारी से कश्मीर और कच्छ की खाड़ी तक भारत की एकता और अखंडता को हर परिस्थिति में मजबूत बनाए रखना होगा। उन्होंने कहा कि देशवासी चाहे भारत के किसी भी हिस्से में रहें या विदेश में रह रहे हों, उनके मन में राष्ट्र सर्वोपरि होना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भारत की शक्ति उसकी विविधता में निहित है। अलग-अलग धर्म, जाति, भाषा, क्षेत्र और सामाजिक पृष्ठभूमि के बावजूद भारतीयों को एक सूत्र में बांधने वाली भावना राष्ट्रप्रेम है। इसलिए समाज में एकता, सद्भाव, भाईचारा और कर्मठता की भावना को कमजोर नहीं पड़ने देना चाहिए।
सभी धर्मों और वर्गों के सम्मान पर जोर
उन्होंने सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा कि सभी धर्मों, जातियों और सामाजिक वर्गों के प्रति समान सम्मान की भावना रखनी चाहिए। समाज में किसी भी प्रकार का भेदभाव राष्ट्रीय एकता के लिए उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत राष्ट्र के निर्माण के लिए आपसी विश्वास, सहयोग और सद्भाव आवश्यक है।
जगत नारायण शर्मा ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक परंपरा सदैव मानवता, शांति और सह-अस्तित्व का संदेश देती रही है। इसी मूल भावना को आगे बढ़ाते हुए समाज के सभी वर्गों को मिल-जुलकर देश के विकास में योगदान देना चाहिए।
विश्व में युद्ध की स्थिति पर जताई चिंता
समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति मानवता के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है। युद्ध का सबसे अधिक नुकसान आम नागरिकों, बच्चों, महिलाओं और समाज के कमजोर वर्गों को उठाना पड़ता है।
उन्होंने कहा कि ऐसे समय में भारत को अपनी परंपरा के अनुरूप शांति, मानवता और सह-अस्तित्व का संदेश दुनिया के सामने रखना चाहिए। साथ ही देश की सुरक्षा और संप्रभुता को मजबूत बनाए रखना भी जरूरी है।
राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा का संकल्प
जगत नारायण शर्मा ने कहा कि स्वतंत्र भारत ने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी लोकतांत्रिक, सांस्कृतिक और राष्ट्रीय पहचान को मजबूत किया है। देश की संप्रभुता, अखंडता और सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देना प्रत्येक देशवासी का दायित्व है।
उन्होंने युवाओं से विशेष रूप से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति देश की सबसे बड़ी ताकत है और यदि युवा शिक्षा, संस्कार, अनुशासन, परिश्रम तथा राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ें तो भारत को नई ऊंचाइयों तक ले जाया जा सकता है।
स्वतंत्रता दिवस पर लिया राष्ट्रहित का संकल्प
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने राष्ट्र की एकता, अखंडता, संप्रभुता और सामाजिक सद्भाव को मजबूत बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का वातावरण देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम की भावना से भर गया।
जगत नारायण शर्मा ने स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि देश की स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने नागरिकों से अपने व्यक्तिगत हितों से ऊपर उठकर राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने, समाज में भाईचारा बनाए रखने और देश की प्रगति में अपनी भूमिका निभाने का आह्वान किया।नोट: उपलब्ध पत्र में कार्यक्रम को “79वें स्वतंत्रता दिवस” के रूप में अंकित किया गया है, जबकि 15 अगस्त 2026 भारत की स्वतंत्रता का 80वां स्वतंत्रता दिवस है। समाचार में वर्ष 2026 के आधार पर “80वां स्वतंत्रता दिवस” प्रयोग किया गया है।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews