Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

"क्षणों का सत्व"

"क्षणों का सत्व"

पंकज शर्मा 
जीवन सदैव उत्सव नहीं; उसकी धारा में विषाद, प्रतीक्षा एवं एकांत भी प्रवाहित होते हैं। सुख इसी कारण दुर्लभ होकर भी अमूल्य है। वह किसी उजली किरण की भाँति आता है एवं समय की हथेली से फिसल जाता है। इसलिए सुख की प्रतीक्षा में जीवन को स्थगित करना बुद्धिमानी नहीं। जो क्षण आज हमारे पास है, वही वास्तविक जीवन है; शेष स्मृति या संभावना मात्र।

जीवन की कला दुःख से पलायन नहीं, बल्कि उसके बीच उपलब्ध प्रकाश को पहचानना है। किसी आत्मीय मुस्कान, निर्मल संवाद, प्रकृति की शांति अथवा उपलब्धि के छोटे-से क्षण को पूरी चेतना से जी लेना ही जीवन के प्रति कृतज्ञता है। समय लौटकर नहीं आता; अतः प्रत्येक सुखद क्षण से उसकी पूरी ऊष्मा, अनुभूति एवं अर्थ ग्रहण कीजिए। जीवन की पूर्णता शायद अधिक पाने में नहीं, मिले हुए क्षण को पूरी तरह जी लेने में है।

. "सनातन"
(एक सोच , प्रेरणा और संस्कार)

पंकज शर्मा (कमल सनातनी)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ