भावनाओं की अभिव्यक्ति ही, सच्ची कविता है,

भावनाओं की अभिव्यक्ति ही, सच्ची कविता है,

मन कैनवास शब्दों के रंग कूंचीं, सच्ची कविता है।


मत सोचो कोई क्या कहेगा, बस भावों को उकेरो,
खुद में खोकर खुद को पाना ही, सच्ची कविता है।


हवा चले, पत्तों से टकराकर मधुर संगीत सुनाती,
पर्वत से गिरते झरने का संगीत, सच्ची कविता है।


अल्हड़ यौवन खेतों में, पगडंडी पर दौड़ लगाता,
छल कपट रहित निर्मल मन ही, सच्ची कविता है।

डॉ अ कीर्ति वर्द्धन
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