Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल

यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल

कुमार महेंद्र
सदियों से प्यासी इस धरती ने,
बस मेघों से ही आस लगाई।
धूप झुलसती रही धोरों पर,
पर उम्मीद न इसने बिसराई।
तीन दशक का जो गतिरोध था,
संवादों से वह गया बदल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


दिल्ली के उस पावन मंच पर,
नव इतिहास सुनहरा रच पाया।
केंद्र-राज्यों के शुभ संगम ने,
मरुधर का सोया भाग्य जगाया।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का,
भागीरथ-सा संकल्प हुआ सफल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


हरियाणा के नायब सैनी ने,
सहयोगी कर स्नेह बढ़ाया।
जलशक्ति मंत्री पाटिल जी का,
दूरदर्शी कौशल रंग लाया।
गृह मंत्री अमित शाह की साक्षी में,
हुआ समझौता मंगलमय, निर्मल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


हथनीकुंड के पावन तट से,
अब जीवन-धारा यहाँ बहेगी।
सीकर, चूरू, झुंझुनू की धरती,
अब प्यास न अपनी चुप सहेगी।
सूखे अधरों पर फिर हरियाली,
खिल उठेगा हर सूना संबल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


खेतों में फिर लहराएँगी फसलें,
माटी सोने-सी मुस्काएगी।
सूनी आँखों में नूतन आशा,
हर चौखट पर ज्योति जगाएगी।
मरुभूमि की रेतिल कहानी में,
अब गूँजेगा जीवन का कलकल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


डबल इंजन की दृढ़ निष्ठा से,
हर घर तक मधुर जल आएगा।
सुख, समृद्धि, नव स्वप्नों का,
हर आँगन में दीप जलाएगा।
जिस माटी ने केवल सूखा देखा,
वहाँ खिलेगा सौभाग्य विमल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


यह केवल जल का समझौता नहीं,
जनमन की आशा का संबल है।
श्रम, समन्वय, दृढ़ संकल्पों से,
उज्ज्वल होता भविष्य प्रबल है।
अब शेखावाटी की धड़कन बोले—
आ पहुँचा उसका स्वर्णिम पल।
यमुना का जल, शेखावाटी का उज्ज्वल कल।।


कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ