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अनोखा रिश्ता बनाया

अनोखा रिश्ता बनाया

संजय जैन


अनोखा बंधन और संबंध
निभाया बेटी के सुसर ने।
बनाकर लाया था जिसे बहू
उसे उसने बेटी बन लिया।
बेटे के अकिस्मक निधन से
बहू जो विधवा हो गई थी।
कराया उसका पुन: विवाह
और किया सुसर ने कन्यादान।।


देख कलयुग के माहौल को
बहू का भविष्य सुरक्षित किया।
भले ही बहू थी वो घर की
पर अब उसे बेटी बन लिया।
सास-सुसर के जज्बातों का
मैं ह्रदय से सम्मान करता हूँ।
समाज सुधार की तरफ में
इसे एक पहल समझता हूँ।।


इरादा नेक अगर हो तो
संजोय मिल ही जाते है।
कभी-कभी जीवन में बहू के
सास-सुसर मातपिता बन जाते है।
अनोखा रिश्ता फिर उनसे
उसका बन जो जाता है।
बहू को दर्जा बेटी का देकर
बना देते है उसकी किस्मत।।


अनोखा बंधन और संबंध
निभाया बेटी के सास-सुसर ने।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
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