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नयी नयी शादी कर ससुराल आयी

नयी नयी शादी कर ससुराल आयी

लड़की का माई को मोबाईल संदेश।
जय प्रकाश कुवंर
रोई रोई बतिया सुनावे जगमतिया।
कहाँ तक सुनाईं माई ससुरा के बतिया।।
जब से ससुरा आइल बानी।
रोज सुबह शाम ताना सुनत बानी ।।
सास ताना मारेली जे घर में अइली रानी।
सब केहू भरी अब इनकर ही पानी।।
इ मोबाईल पर हरदम बतियावत रहिहें ।
अपना माई से इहाँ के दुखड़ा सुनावत रहिहें।।
माई ज‌इसन शिक्षा दिहें, रानी ओइसे करिहें।
इहाँ ना सुनिहें केहू के, आज्ञाकारी ना बनिहें।।
इ खाना खाके बरतन ठेल दिहें।
दोसर कोई दी त रानी पानी पिहें।।
रात भर एसी चला के घर में सुतल रहिहें।
सुबह नौ बजे उठावला पर भला बुरा कहिहें।।
माई हमार तनी आराम क‌इल सास से ना सहात बा।
बहू ना नौकरानी आइल बानी, उनका इ बुझात बा।।
जितना मां सिखवलू सब करत बानी। बाकिर सासु खातिर हम मिलल बा…

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