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महिलाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का महोत्सव: 3 अगस्त को बेंगलुरु में सजेगी हस्तनिर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी

महिलाओं की प्रतिभा और आत्मनिर्भरता का महोत्सव: 3 अगस्त को बेंगलुरु में सजेगी हस्तनिर्मित उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी

  • 30 जुलाई को सावन महोत्सव एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का भी होगा आयोजन

बेंगलुरु। महिलाओं की रचनात्मक प्रतिभा, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी उद्यमिता को नई पहचान दिलाने के उद्देश्य से "समर्थ नारी समर्थ भारत" द्वारा आगामी 3 अगस्त को बेंगलुरु के सहजा पुर वंडर वर्ल्ड सोसाइटीज के कम्युनिटी हॉल में महिलाओं द्वारा निर्मित हस्तशिल्प एवं घरेलू उत्पादों की भव्य प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 30 जुलाई को सावन महोत्सव के साथ वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं की सहभागिता रहेगी।

यह निर्णय समर्थ नारी समर्थ भारत की बेंगलुरु शाखा की महत्वपूर्ण बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता सुधा शुक्ला ने की, जबकि संचालन विद्या देवी ने किया।

बैठक को संबोधित करते हुए समर्थ नारी समर्थ भारत की राष्ट्रीय सह-संयोजिका तथा बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की प्रभारी माया श्रीवास्तव ने कहा कि आज की भारतीय महिला केवल परिवार तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की आर्थिक प्रगति में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है। उन्होंने कहा कि महिलाएं अपने हुनर, परिश्रम और नवाचार के बल पर आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सशक्त भूमिका निभा रही हैं।

माया श्रीवास्तव ने कहा कि यह प्रदर्शनी केवल हस्तनिर्मित वस्तुओं के प्रदर्शन का मंच नहीं होगी, बल्कि महिलाओं को अपने कौशल, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का परिचय देने का अवसर भी प्रदान करेगी। उन्होंने अधिक से अधिक महिलाओं से इस आयोजन में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि जो महिलाएं स्वयं किसी प्रकार की हस्तनिर्मित सामग्री तैयार करती हैं, वे भी अपनी कलाकृतियों एवं उत्पादों के साथ प्रदर्शनी में शामिल होकर अपनी प्रतिभा को व्यापक पहचान दिला सकती हैं।

उन्होंने बताया कि प्रदर्शनी में मिथिला पेंटिंग, सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प, घरेलू सजावटी सामग्री, हस्तनिर्मित उपयोगी वस्तुएं, विभिन्न प्रकार के पारंपरिक एवं घरेलू व्यंजन, तथा महिलाओं द्वारा तैयार किए गए अनेक अन्य उत्पाद आकर्षण का केंद्र होंगे। आयोजकों का मानना है कि इस प्रकार के आयोजन महिलाओं को स्वरोजगार एवं लघु उद्यम की दिशा में प्रेरित करने के साथ-साथ स्थानीय कला एवं संस्कृति को भी प्रोत्साहन देंगे।

बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि 30 जुलाई को आयोजित सावन महोत्सव में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। आयोजकों का कहना है कि पर्यावरण संरक्षण और महिला सशक्तिकरण दोनों समाज के सतत विकास के महत्वपूर्ण आधार हैं, इसलिए दोनों विषयों को एक साथ जोड़कर जनजागरण का प्रयास किया जा रहा है।

बैठक में उपस्थित महिलाओं ने इस आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया तथा अधिक से अधिक महिलाओं को इससे जोड़ने के लिए व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाने का निर्णय लिया।

बैठक में प्रमुख रूप से विमला लाला, उषा चौरसिया, नीशू राय, मीना खरे, रीता झा, सुनीता सिन्हा, आरती सिंह, गीता पांडेय, मीना देवी, सुरेखा सरकार, नीता जैसवाल, पूनम राज, रोमिता, नमिता देवी, संध्या गुप्ता, नीलू सिंह भूमिहार सहित अनेक महिला सदस्य उपस्थित थीं।आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रदर्शनी महिलाओं की रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और उद्यमिता को नई दिशा देने के साथ-साथ समाज में महिला सशक्तिकरण के संदेश को और अधिक व्यापक बनाएगी।
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