भारत भूषण तिवारी हत्याकांड पर उग्र हुआ ब्राह्मण समाज, दोषियों की गिरफ्तारी तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

गया। भारत भूषण तिवारी हत्याकांड को लेकर ब्राह्मण समाज में व्यापक आक्रोश व्याप्त है। भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा (कौटिल्य मंच) के तत्वावधान में आयोजित श्रद्धांजलि सभा एवं विचार गोष्ठी में वक्ताओं ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और जनहित की आवाज को दबाने का प्रयास बताया। सभा में वक्ताओं ने दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच तथा कठोर दंड की मांग की।
सभा को संबोधित करते हुए वरिष्ठ समाजसेवी एवं चिकित्सक डॉ. विवेकानंद मिश्र ने कहा कि भारत भूषण तिवारी का जीवन समाज के कमजोर, वंचित, अत्यंत पिछड़े और पीड़ित वर्गों की सेवा के लिए समर्पित था। उन्होंने कहा कि इतिहास इस बात का साक्षी है कि ज्ञान, धर्म और संस्कृति पर प्रहार करने वाली शक्तियां अंततः स्वयं अपने कर्मों के कारण पराजित हुई हैं।
डॉ. मिश्र ने कहा कि भारत भूषण तिवारी केवल एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार, एक संघर्ष और जनसरोकारों की सशक्त आवाज थे। उनकी हत्या से समाज में शोक के साथ-साथ गहरा आक्रोश भी है। उन्होंने संस्कृत का प्रसिद्ध श्लोक उद्धृत करते हुए कहा—
“विनाशकाले विपरीतबुद्धिः”
अर्थात जब किसी व्यक्ति या व्यवस्था के विनाश का समय निकट आता है, तब उसकी बुद्धि विपरीत दिशा में कार्य करने लगती है।
उन्होंने आगे कहा-
“धर्मो रक्षति रक्षितः, तस्माद्धर्मो न हन्तव्यः।”
अर्थात जो धर्म, सत्य और न्याय की रक्षा करता है, धर्म भी उसकी रक्षा करता है।
सभा में उपस्थित वक्ताओं ने कहा कि भारत भूषण तिवारी सदैव अन्याय, अत्याचार और शोषण के खिलाफ संघर्षरत रहे। वे गरीबों, मजदूरों, किसानों, पिछड़ों और उपेक्षित लोगों की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने का कार्य करते थे। इसी कारण वे क्षेत्र में एक लोकप्रिय जननेता के रूप में स्थापित हो चुके थे।
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठाए सवाल
भारतीय राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा (कौटिल्य मंच) के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि अब तक की प्रशासनिक कार्रवाई संतोषजनक नहीं है। वक्ताओं ने कहा कि जिन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है, उन पर हत्या में संलिप्तता का आरोप नहीं है, बल्कि घटना से पूर्व आवश्यक कार्रवाई नहीं करने के कारण उन्हें निलंबित किया गया है। संगठन ने इसे अपर्याप्त बताते हुए वास्तविक दोषियों की गिरफ्तारी और साजिशकर्ताओं की पहचान की मांग की।
वक्ताओं ने कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग इस मामले की निष्पक्ष जांच चाहता है तथा यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी प्रभावशाली व्यक्ति को कानून से ऊपर न माना जाए।
व्यापक जनजागरण अभियान का ऐलान
महासभा के नेताओं ने घोषणा की कि भारत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने के लिए राज्यव्यापी जनजागरण अभियान चलाया जाएगा। संगठन का कहना है कि वह गांव-गांव और शहर-शहर जाकर लोगों को घटना की जानकारी देगा तथा न्याय के लिए लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीकों से संघर्ष करेगा।
सभा में कहा गया कि किसी भी लोकतांत्रिक समाज में असहमति या सामाजिक सक्रियता का उत्तर हिंसा नहीं हो सकता। यदि समाज के बीच काम करने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं होगी, तो लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर होगी।
संस्कृत श्लोकों के माध्यम से दिया संदेश
सभा में कई वक्ताओं ने सनातन परंपरा और सामाजिक समरसता पर जोर देते हुए कहा-
“सत्यमेव जयते नानृतम्”
अर्थात सत्य की ही विजय होती है, असत्य की नहीं।
तथा
“यतो धर्मस्ततो जयः”
अर्थात जहां धर्म और न्याय है, वहीं विजय है।
वक्ताओं ने कहा कि भारत भूषण तिवारी के विचार और संघर्ष आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बने रहेंगे तथा उनका अधूरा मिशन समाज मिलकर पूरा करेगा।
बड़ी संख्या में गणमान्य लोग रहे उपस्थित
कार्यक्रम में आचार्य राधा मोहन मिश्र, माधव आचार्य सच्चिदानंद मिश्र, अरुण मिश्र मधुप, स्वामी सुमन गिरी, रूबी देवी, शंभू गिरी, रणजीत पाठक, प्रो. सुनील कुमार मिश्रा, पवन मिश्रा, आचार्य कुमुद कुमार मिश्र, डॉ. विवेकानंद मिश्र, जी.एस. रामचंद्र दास, गजाधर लाल पाठक, राजीव नयन पांडेय, डॉ. जितेंद्र कुमार मिश्रा, अरुण ओझा, अखिलेश पांडेय, अशोक दूबे, हरिनारायण त्रिपाठी, सत्येंद्र कुमार दूबे, हरिद्वार मिश्र, मो. याहिया, डॉ. दिनेश कुमार सिंह, डॉ. रविंद्र कुमार, डॉ. राजेंद्र प्रसाद मिश्र, अमरनाथ पांडेय, प्रो. गीता पासवान, किरण पाठक, नीलम पासवान, फूल कुमारी, सुमन पांडेय, कविता राऊत, पुष्प गुप्ता, राज किशोर सिंह, रामकेवल सिंह, सूबेदार सिंह, अभिजीत बनर्जी, दीपक पाठक, हर्ष कुमार मिश्रा, आनंद कुमार सिंह, मनीष कुमार, डिंपल कुमारी, कुंदन कुमार मिश्र, नीरज वर्मा, अजय कुमार मिश्र, रवि कुमार, सुनील कुमार यादव, अभय सिंह, संजय दास, प्रियांशु मिश्र, दिनेश पासवान, प्रेरणा मराठे, विक्रम मिश्रा, गौरव कुमार सिंह, राखी कुमारी, रंजना पांडेय, गोविंदेश्वर मिश्र, वासुदेव प्रसाद, चंद्रभूषण मिश्र, विश्वजीत चक्रवर्ती, देवेंद्र कुमार पाठक, डॉ. विनोद मिश्र, जितेंद्र उपाध्याय, गुप्तेश्वर ठाकुर, सुरेंद्र पासवान, गीता चंद्रवंशी, बेबी देवी, विक्रम मांझी, रघुवंश नारायण सिंह, नसरत जहां, शबनम कुमारी, तास्लिम परवीन, चंदनी आरिफ, डॉ. अब्दुल खैर सहित बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।
कार्यक्रम के अंत में भारत भूषण तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा उनकी आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर न्याय की लड़ाई को अंतिम परिणाम तक पहुंचाने का संकल्प लिया गया।यह संस्करण समाचार पत्र, वेब पोर्टल, प्रेस विज्ञप्ति या "दिव्य रश्मि न्यूज़" में प्रकाशन के लिए उपयुक्त विस्तृत खबर के रूप में तैयार किया गया है।
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