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प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर, अनुशासनिक कार्रवाई पर दिया गया प्रशिक्षण

प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर, अनुशासनिक कार्रवाई पर दिया गया प्रशिक्षण

  • नियमों की जानकारी से मजबूत होगी प्रशासनिक व्यवस्था, राजस्व विभाग एवं कृषि विभाग के अधिकारियों कर्मियों को दी गई जानकारी
  • मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय के तत्वावधान में आयोजित हुआ कार्यक्रम

पटना : सरकारी कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और नियमसम्मत प्रशासन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामान्य प्रशासन विभाग के मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय के तत्वावधान में सोमवार को राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के लिए अनुशासनिक कार्रवाई से संबंधित प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह प्रशिक्षण शास्त्रीनगर स्थित राजस्व (सर्वे) प्रशिक्षण संस्थान में आयोजित हुआ, जिसमें दोनों विभागों के बड़ी संख्या में अधिकारी एवं कर्मचारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव श्री जय सिंह ने किया। अपने संबोधन में उन्होंने सरकारी सेवाओं में अनुशासन के महत्व पर बल देते हुए कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था की मजबूती के लिए अधिकारियों एवं कर्मचारियों का नियमों और प्रक्रियाओं से भली-भांति परिचित होना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े प्रावधानों की सही जानकारी होने से विभागीय कार्यों में पारदर्शिता बढ़ती है तथा अनावश्यक त्रुटियों और विवादों से बचा जा सकता है।
प्रशिक्षण सत्र के दौरान मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय के प्रशिक्षण पदाधिकारी श्री शालिग्राम पांडे एवं श्री सतीश कुमार तिवारी ने प्रतिभागियों को बिहार सरकारी सेवकों पर लागू अनुशासनिक नियमों, विभागीय कार्यवाही की प्रक्रिया, आरोप पत्र के गठन, जांच संचालन, साक्ष्य संकलन, दंड निर्धारण तथा अपील संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने विभिन्न व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से अनुशासनिक कार्रवाई के दौरान अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं और सावधानियों को भी समझाया।
प्रशिक्षकों ने बताया कि विभागीय कार्रवाई के प्रत्येक चरण में निर्धारित नियमों का पालन करना आवश्यक है, ताकि जांच प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी और विधिसम्मत बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि नियमों की समुचित जानकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन अधिक दक्षता एवं उत्तरदायित्व के साथ करने में सहायक होती है। उन्होंने इसके कई उदाहरण देकर समझाने की कोशिश की।
कार्यक्रम में भू-अभिलेख एवं परिमाप निदेशालय के निदेशक श्री सुहर्ष भगत, अपर सचिव डॉ. महेंद्र पाल, विशेष कार्य पदाधिकारी श्री मणि भूषण किशोर एवं श्री नवाजिश अख्तर, मुख्य जांच आयुक्त निदेशालय के अपर सचिव श्री प्रभात कुमार, प्रशिक्षण पदाधिकारी श्री शालिग्राम पांडे एवं श्री सतीश कुमार तिवारी, सहायक निदेशक सह जनसंपर्क पदाधिकारी सुश्री जूही कुमारी, उप सचिव श्री संजय कुमार सिंह, डॉ. सुनील कुमार सिंह सहित दोनों विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों ने अनुशासनिक कार्रवाई से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने प्रश्न भी रखे, जिनका विशेषज्ञों द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया। अधिकारियों ने इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों को प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने तथा नियमों की बेहतर समझ विकसित करने की दिशा में उपयोगी बताया।
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