Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

हालिया देश में राजनीतिक भूचाल

हालिया देश में राजनीतिक भूचाल

जय प्रकाश कुवंर
सिर धुन धुन कर, पैर पटककर,
जब मानव थक जाये।
अपनी बुद्धि काम न आवे तब,
उसे ईश्वर ही राह दिखाये।।
उपर बैठा ईश्वर सबका,
अच्छा, बुरा सब कर्म देख रहा है,
कोई उससे चाहे लाख छुपाये,
अपने खाते में वह सब कुछ लिख रहा है।।
निज घमंड में बड़े लोगों का,
अनादर करते फिरते रहे।
खुद को सबसे बड़ा समझकर,
इस नादानी में पल पल नीचे गिरते रहे।।
आदमी तो आदमी, ऐसे मानव ने,
घमंड में राम का भी अनादर किया।
अपने को सबसे बड़ा समझकर,
सभी बड़ेजनों का तिरस्कार किया।।
समय का थप्पड़ जब लगेगा,
होश ठिकाने आ जाएगा।
तुम्हारे कर्मों का सहयोगी सब भी,
एक एक कर दूर भाग जाएगा।।
बड़ा बनना और बड़ा बने रहना,
दोनों में बहुत अंतर है।
जिसको पद का घमंड न हुआ,
और जो सबके साथ विनम्र रहा,
उसके लिए ही बड़ा बने रहना संभव है।।
अभिमानियों के हश्र से इतिहास भरा पड़ा है,
फिर भी लोगों को समझ नहीं आता है।
जिसने भी अभिमान को बल दिया,
देर सबेर उस आदमी का,
पतन तो हो ही जाता है।।
कुछ लोग इससे सबक लेते हैं,
कुछ मुर्खतावश और अहंकारी हो जाते हैं।
अपना मान सम्मान सब खोकर,
जीवन के अंत तक अहंकारी ही बने रह जाते हैं।।
देश में ऐसा एक राजनीतिक तूफान आया,
किसी का मान सम्मान, पद,
सब उड़ा कर चला गया।
किसी को इज्जत सम्मान न देने वाले के पास,
अब केवल उसका अहंकार ही रह गया।।
कोई ग्लानि नहीं, कोई पछतावा नहीं,
कोई आत्म मंथन नहीं, आखिर ऐसा क्यों हुआ।
सारा देश आश्चर्य से देखता रहा,
पर किसी को तनिक हमदर्दी ने न छुआ।।
ऐसे लोगों का मानना था,
बुद्धिमानी पर, उनका जन्मसिद्ध अधिकार है।
लेकिन ईश्वर के नजर में,
अक्ल और बुद्धि पर जिसके अहंकार हावी हुआ,
वैसे मनुष्य की देर सबेर हार ही हार है।।

हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ