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न्याय के क्षेत्र में बिहार बनेगा विश्व गुरु : अमोद कुमार निराला

न्याय के क्षेत्र में बिहार बनेगा विश्व गुरु : अमोद कुमार निराला

  • पंच-सरपंच संघ बिहार ने मुख्यमंत्री को भेजा 11 सूत्री खुला पत्र, कहा – पैसा नहीं, अधिकार, सम्मान और सुविधाएं चाहिए
पटना, 17 जून। बिहार की ग्राम कचहरियों को सशक्त एवं प्रभावी बनाने की मांग को लेकर पंच-सरपंच संघ बिहार ने मुख्यमंत्री के नाम एक 11 सूत्री खुला पत्र भेजा है। संघ के प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने कहा है कि पंच परमेश्वर को राज्य कोष से अतिरिक्त धनराशि नहीं चाहिए, बल्कि उन्हें उनका वैधानिक अधिकार, सम्मान, सुरक्षा और कार्य करने के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।

उन्होंने कहा कि बिहार देश का एकमात्र ऐसा राज्य है जहां ग्राम न्याय व्यवस्था को विधिवत रूप से संचालित किया जा रहा है। ग्राम कचहरियां हर वर्ष लाखों मामलों का स्थायी निपटारा कर रही हैं, जिससे न केवल ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक सौहार्द और शांति स्थापित हो रही है, बल्कि अनुमंडल, व्यवहार एवं अन्य न्यायालयों पर पड़ने वाला मुकदमों का बोझ भी काफी हद तक कम हो रहा है।

निराला ने कहा कि ग्राम कचहरियां राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज और सुलभ न्याय के सपने को साकार कर रही हैं। ग्रामीण जनता को सस्ता, सरल, सुलभ, समयबद्ध और पारदर्शी न्याय उपलब्ध हो रहा है। यही कारण है कि देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी शोधकर्ता और अध्ययनकर्ता बिहार की ग्राम न्याय प्रणाली का अवलोकन करने आ रहे हैं और इसकी सराहना कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2006 में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा "न्याय के साथ विकास" की अवधारणा के तहत ग्राम कचहरियों को सशक्त बनाने की दिशा में जो पहल की गई थी, वह आज 18 वर्षों बाद एक ऐतिहासिक मुकाम पर पहुंच चुकी है। ग्राम न्याय व्यवस्था ने सफलता की नई ऊंचाइयों को छूते हुए न्याय के क्षेत्र में बिहार को एक नई पहचान दिलाई है।
11 सूत्री मांगों पर सरकार से निर्णय की अपील

पंच-सरपंच संघ बिहार ने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि ग्राम कचहरियों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को आवश्यक प्रशासनिक सहयोग, प्रशिक्षण, सुरक्षा व्यवस्था, कार्यालय संचालन हेतु आधारभूत सुविधाएं, न्यायिक कार्यों के लिए तकनीकी सहायता तथा अन्य वैधानिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। संघ का कहना है कि इन मांगों को पूरा करने के लिए राज्य सरकार पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा, बल्कि इससे न्याय व्यवस्था और अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनेगी।
2029 तक बिहार को न्याय का वैश्विक मॉडल बनाने का दावा

प्रदेश अध्यक्ष अमोद कुमार निराला ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि यदि सरकार उनकी प्रस्तावित सभी मांगों को स्वीकार कर लेती है तो वर्ष 2029 तक बिहार न्याय के क्षेत्र में न केवल देश का अग्रणी राज्य बनेगा, बल्कि विश्व स्तर पर भी एक आदर्श मॉडल के रूप में स्थापित होगा। उन्होंने कहा कि ग्राम कचहरियों की मजबूती से न्यायपालिका पर दबाव कम होगा, मुकदमों का त्वरित निपटारा होगा तथा ग्रामीण समाज में शांति, सद्भाव और सामाजिक न्याय की स्थापना को नई गति मिलेगी।

उन्होंने मुख्यमंत्री से जनहित एवं राज्यहित में उनकी 11 सूत्री मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार करने का अनुरोध करते हुए कहा कि ग्राम न्याय व्यवस्था को मजबूत करना बिहार के उज्ज्वल भविष्य और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

- संवाददाता
दिव्य रश्मि न्यूज, पटना
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