Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

डा० मुखर्जी की इच्छा और बाजपेई जी की भविष्यवाणी

डा० मुखर्जी की इच्छा और बाजपेई जी की भविष्यवाणी

जितेन्द्र नाथ मिश्र,
बंगाल के रहने वाले डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने वैचारिक मतभेद के कारण कांग्रेस छोड़ दिया ‌‌। वे नहीं चाहते थे कि जवाहर लाल नेहरू की सरकार पाकिस्तान से लियाकत समझौता करे‌। वे यह भी नहीं चाहते थे कि धारा ३७०को पारित किया जा जाए। इसलिए उन्होंने उद्योग मंत्री पद मंत्री मंडल से इस्तीफा दे दिया और सन् १९५२ में कांग्रेस को छोड़कर एक नया राजनीतिक दल बनाया ,नाम रखा भारतीय जनसंघ जिसका चुनाव चिन्ह था जलता हुआ दीपक। वे नागपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ(आर एस एस) से सहयोग मांगा। आरम्भ में संघ प्रमुख ने सहयोग करने से मना कर दिया। पर दो महीने बाद तत्कालीन संघ प्रमुख ने अपने विचार को बदल कर सहयोग करने का निर्णय लेते हुए अपने पांच स्वयंसेवक को मुखर्जी जी को सहयोग करने के लिए भेज दिया।
सन् १९५२ के पहले लोकसभा के चुनाव में इस दल ने सभी लोकसभा सीटों पर कांग्रेस के खिलाफ अपने उम्मीदवार खड़े किए।और तीन उम्मीदवार जीत कर लोकसभा का सांसद बने।
१९७७ में इंदिरा सरकार के विरुद्ध कई
दलों ने मिलकर एक नया राजनीतिक दल बनाया ,नाम रखा "जनता दल"इसमें भारतीय जनसंघ भी था। विश्वनाथ प्रताप सिंह की सरकार ने मंडल कमीशन की रिपोर्ट को लागू कर दिया जिसके विरोध में आर एस एस के विचार धारा वाले सांसदों/जनसंघ के विचार से सहमत होने वाले सांसदों ने जनता दल को छोड़कर एक नया राजनीतिक दल बनाया,नाम रखा "भारतीय जनता दल"और चुनाव चिन्ह रखा खिलता हुआ " कमल"। लाल कृष्ण आडवाणी,अटल बिहारी वाजपेयी, मुरली मनोहर जोशी इत्यादि इस दल के संस्थापक सदस्य थे।।।
आर एस एस का सहयोग और हिन्दू वादी विचारधारा के कारण यह दल तेजी से भारत के विभिन्न राज्यों में अपना विस्तार करता रहा। और पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में लोकसभा में भारतीय जनता दल की सरकार बनी। बाजपेई ने कहा था"अंधेरा छटेगा,एक नया सूरज का उदय होगा और कमल खिलेगा। बाजपेई ममजी का कथन सही साबित हुआ । लोक सभा से लेकर भारत के अधिकांश राज्यों में सहयोगी दलों की सहायता से भारतीय जनता पार्टी की सरकार है। अब बारी थी बंगाल की। यहां भी ममता बनर्जी की १५वर्षों की सरकार को उखाड़ कर भारतीय जनता दल ने सरकार का गठन कर डा० श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार कर दिखाया। " अंधेरा छटेगा नया सूरज का उदय होगा और कमल खिलेगा"बाजपेई जी का भविष्यवाणी सही साबित हो रहा है।
जितेन्द्र नाथ मिश्र, कदम कुआं, पटना।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ