चाय दिवस
अरुण दिव्यांशचाय दिवस तो नित्य हो मनाते ,
कोई आय दिवस भी बना लो ।
नौकरी कृषि जो भी तुम करते ,
व्यवसाय दिवस भी मना लो ।।
चाय से कोई पेट नहीं भरता ,
अधिक चाय होती है बीमारी ।
चुनना हमें है चाय या भोजन ,
रोगग्रस्त या स्वास्थ्य है प्यारी ।।
चाय देता है कोई शक्ति नहीं ,
चाय तन को स्फूर्ति ही है देत ।
भोजन देता हमें शक्ति बहुत ,
भोजन बिन चाय शक्ति लेत ।।
चाय तो विलासिता की वस्तु ,
चाय कॉफी पैसों का है खेल ।
उन गरीब असहायों से पूछो ,
जो तुमसे नहीं खा पाते मेल ।।
चाय बिन चलना नहीं रूकते ,
भोजन बिन चाल रूक जाए ।
अनिवार्य आजीविका साधन ,
अन्न बिन स्वास्थ्य चूक जाए ।।
पूर्णतः मौलिक एवं
अप्रकाशित रचना
अरुण दिव्यांश
छपरा ( सारण )बिहार ।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews