Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

मंत्रिमंडल विस्तार में कायस्थ समाज की अनदेखी - डॉ प्रभात चन्द्रा

मंत्रिमंडल विस्तार में कायस्थ समाज की अनदेखी - डॉ प्रभात चन्द्रा

दिव्य रश्मि के उपसंपादक जितेन्द्र कुमार सिन्हा की कलम से।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर बिहार की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। भारतीय जनता पार्टी और जनता दल यूनाइटेड ने अपने-अपने स्तर पर विभिन्न सामाजिक वर्गों को साधने का प्रयास किया है, लेकिन इस पूरी कवायद के बीच कायस्थ समाज की अनदेखी का मुद्दा तेजी से उभरकर सामने आया है।


जदयू कलमजीवी प्रकोष्ठ के पूर्व अध्यक्ष डॉ. प्रभात चन्द्रा ने इस विषय पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि दोनों प्रमुख दलों ने सामाजिक संतुलन की राजनीति तो की, लेकिन कायस्थ समाज को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया।


उनका कहना है कि इससे कायस्थ समाज अपने को ठगा हुआ और उपेक्षित महसूस कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बिहार की राजनीति में सामाजिक समीकरण हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं और ऐसे में किसी प्रभावशाली वर्ग की अनदेखी भविष्य में राजनीतिक असर डाल सकती है।


भाजपा और जदयू दोनों ने विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने का दावा किया है, लेकिन कायस्थ समाज की अनदेखी अब बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनती दिखाई दे रही है। डॉ. प्रभात चन्द्रा ने कहा कि बिहार के प्रशासनिक, शैक्षणिक और सामाजिक क्षेत्रों में कायस्थ समाज का ऐतिहासिक योगदान रहा है, लेकिन इसके बावजूद मंत्रिमंडल में इस समाज को कोई स्थान नहीं दिया गया।


डॉ चंद्रा ने कहा है कि कायस्थ समाज हमेशा से शिक्षा, प्रशासन और बौद्धिक नेतृत्व के लिए जाना जाता रहा है। राज्य की राजनीति और शासन व्यवस्था में भी इस समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में लगातार उपेक्षा से समाज में असंतोष बढ़ना स्वाभाविक है।


कायस्थ समाज के कई संगठनों और बुद्धिजीवियों ने भी इस मुद्दे पर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि राजनीतिक दल चुनाव के समय तो समाज से समर्थन मांगते हैं, लेकिन सत्ता में आने के बाद प्रतिनिधित्व देने में पीछे हट जाते हैं। ———————-
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ