रजत जयंती
✍️ डॉ. अंकेश कुमाररजत तुम्हारी हर अदा है , रजत है मुस्कान तुम्हारी,
जीवन के अप्रतिम सौंदर्य में सिमटी कथा तुम्हारी।
पल पल सांसों की थिरकन पर सजी मधुर सी वाणी,
जीवन से हो ओतप्रोत तुम , दिव्य ,सहज सुहानी।
प्रत्यूषा की मनमोहक सी आशा की किरण तुम्ही हो,
सब काम तुम्ही से होते हैं ,मन का विश्वास तुम्हीं हो।
जीवन के उजास क्षणों की सतरंगी छटा तुम्ही हो,
बुनते सपनो की फसलों की हरित प्रभा तुम्हीं हो।
समय सरित की मृदुल प्रवाह में गढ़ती तुम नई कहानी,
अधरों पर मुस्कान लिए रचती हो अमिट निशानी।
दो मुस्कान हृदय के, दो फूल खिले बचपन के,
श्वासों में सुगंध भरते हैं, विस्तार अनंत जीवन के।
मधुरिम क्षणों को कैसेभला हमसब विस्मृत कर पाएंगे?
यादों की बस्ती में बसा ,उसे स्वर्णिम क्षण बनाएंगे।
मुश्किलें हों, बाधाएं हो, हो अपनी घड़ी परीक्षा की,
साथ तुम्हारा,हाथ हो अपना,मन उत्सव पुष्प खिलाएंगे।
@ सर्वाधिकार सुरक्षित
#अंकेश
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे फेसबुक पेज से जुड़े https://www.facebook.com/divyarashmimag हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews हमें ट्विटर पर फॉलो करे :- https://x.com/DivyaRashmi8


0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews