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समर्थ नारी समर्थ भारत की संगोष्ठी में महिलाओं की सुरक्षा पर उठी बुलंद आवाज

समर्थ नारी समर्थ भारत की संगोष्ठी में महिलाओं की सुरक्षा पर उठी बुलंद आवाज

बेंगलुरु। आर.आर. नगर स्थित कम्युनिटी हॉल में समर्थ नारी समर्थ भारत के तत्वावधान में देश में महिलाओं पर बढ़ रहे उत्पीड़न, अपराध और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर एक महत्वपूर्ण संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं ने भाग लेकर महिला सुरक्षा, सम्मान और न्याय के सवालों पर अपनी चिंता व्यक्त की।

कार्यक्रम की अध्यक्षता सुमन पटवारी ने की, जबकि मंच संचालन रुचिका जैन एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रिया कर्ण द्वारा किया गया। इस अवसर पर संगठन की राष्ट्रीय सह-संयोजिका तथा बिहार, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल की प्रभारी मुख्य अतिथि माया श्रीवास्तव ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि जब देश में महिलाएं सुरक्षित ही नहीं हैं, तब विकास के सभी दावे खोखले प्रतीत होते हैं।

उन्होंने कहा कि आज देश में बच्चियों से लेकर बुजुर्ग महिलाओं तक कोई भी पूरी तरह सुरक्षित नहीं है। महिलाओं के खिलाफ अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन केंद्र और राज्य सरकारें इस विषय पर अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही हैं। उन्होंने कहा कि केवल नारे देने से महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं हो सकती, बल्कि कठोर कानूनों के साथ त्वरित न्याय व्यवस्था लागू करना आवश्यक है।

माया श्रीवास्तव ने कहा कि महिलाओं को केवल “नारी शक्ति”, “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ” जैसे नारों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए, बल्कि उनकी सुरक्षा और सम्मान को वास्तविक प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने पुरुष समाज से भी अपनी मानसिकता बदलने की अपील करते हुए कहा कि महिलाओं को भोग की वस्तु नहीं, बल्कि सम्मान और समान अधिकार के साथ देखने की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि जब तक अपराधियों को राजनीतिक संरक्षण मिलता रहेगा और महिलाओं को शीघ्र न्याय नहीं मिलेगा, तब तक समाज में भय और असुरक्षा का माहौल बना रहेगा। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति अधिक जागरूक और संगठित होने की जरूरत है।

संगोष्ठी में सुमन पटवारी, रुचिका जैन और प्रिया कर्ण ने भी अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकारों को अपराधियों को संरक्षण देना बंद करना चाहिए। यदि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई, तो महिलाएं अपने अधिकारों की रक्षा के लिए बड़े आंदोलन को मजबूर होंगी।

कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं ने एक स्वर में कहा कि वे महिला सुरक्षा और सम्मान की लड़ाई में माया श्रीवास्तव के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने को तैयार हैं।इस अवसर पर नीति झा, पूनम सिन्हा, कल्पना मिश्रा, नीरू जैन, अनन्या नागर, इंद्राणी प्रिया झुनझुनवाला, कनकलता जैन, रीना कर्ण, मोहनी कर्ण, रानी मिश्रा, रिंकू शर्मा, ललिता नागर, धर्मशिला झा, राखी वर्मा, गीता पटवारी, ऋतु सिन्हा, तृप्ति घोष, खुशबू धारीवाल, कमिनी गिरी, कनीका अग्रवाल सहित अनेक महिलाएं उपस्थित थीं।
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