Advertisment1

यह एक धर्मिक और राष्ट्रवादी पत्रिका है जो पाठको के आपसी सहयोग के द्वारा प्रकाशित किया जाता है अपना सहयोग हमारे इस खाते में जमा करने का कष्ट करें | आप का छोटा सहयोग भी हमारे लिए लाखों के बराबर होगा |

आस्था

आस्था

संजय जैन
राम श्याम में भी लोग
अंतर बहुत करते है।
अपनी गलतियों का दोष
भक्तों पर जो मड़ते है।
इसलिए तो भक्तों में
दोष भाव जो आते है।
ईश्वरवादी होकर भी वो
नाश्तिक बन जाते है।।


हर शहर और गाँव का
अब यही हाल हो रहा।
भक्तों की संख्या कम होकर
बाबाओं का खेल चल रहा।
जो जितना पाखंडी होगा
नाम उसी का चमक रहा।
आस्था के नाम का व्यापार
देखो कैसे फल फूल रहा।।


पवित्र धरोहर धर्म की देखो
अपना प्यारा भारत है।
जिसमें जन्में राम श्याम और
जन्में लाखों देवी देवता है।
इसलिए कण कण भारत का
देखो जो पूज्यनी है।
हम सब की आस्था जो
अपने भारत में बस्ती है।।


जय जिनेंद्र
संजय जैन "बीना" मुंबई
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ