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हम प्यार के होकर रह गये

हम प्यार के होकर रह गये

अरविन्द अकेला
मिले इस शहर में कुछ लोग ऐसे
मेरे दिल में वे उतर गये
समझा मुझको दिल से अपना
मुझे देखकर सवंर गये।
मिले इस शहर में...l


अपने शहर में कुछ हैं कुकर्मी
मेरे दिल से वे उतर गये
निकाल दिया अपनी यादों से मैंने
उन्हें अच्छी तरह जब पढ़ गये ।
मिले इस शहर में...l


मिले शहर में कुछ ऐसे अजनबी
जिनकी संगति में हम निखर गये
उनकी जिंदादिली देखकर
इसी शहर में हम ठहर गये।
मिले इस शहर में...l


इस जहान में एक प्यार ही है ऐसा
बन गया कोई कृष्ण,राधा जैसा
समझा नहीं जिसने प्यार को
वे मूढ,गवांर रह गये।
मिले इस शहर में...l


प्यार को समझा जबसे हमने
प्यार के होकर हम रह गये
जब तक जियो रहो प्यार से
कवि"अकेला" यह कह गये।
मिले इस शहर में...l
--------0------- अरविन्द अकेला, पूर्वी रामकृष्ण नगर,पटना-27
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