शिक्षा चिड़िया के पंख,गुरु शिखर की धूल
कुमार महेंद्रसर्वांगीण विकास परम सेतु,
सुखद भविष्य सरस आधार ।
अंतःकरण साहस शौर्य सरिता,
विकट परिस्थिति धैर्य अपार ।
मर्यादा परंपरा संस्कार संवाहक,
सरस सुधार प्रयास त्रुटि भूल ।
शिक्षा चिड़िया के पंख, गुरु शिखर की धूल ।।
आत्मविश्वास निर्झर स्रोत,
संघर्ष पथ पर विजयश्री साकार।
त्यागें नैराश्य, निम्न दृष्टिकोण,
रग रग में सकारात्मकता संचार ।
नवाचार प्रौद्योगिकी साधन साध्य,
समग्र प्रगति सदाबहार फूल ।
शिक्षा चिड़िया के पंख,गुरु शिखर की धूल।।
अनुशासन मय जीवन शैली,
समय हर पल सदुपयोग ।
अंतःकरण स्नेह प्रेम ज्योत,
नित्य तत्पर परस्पर सहयोग ।
जोश उत्साह उमंग संचारक,
हर कदम सफलता का मूल।
शिक्षा चिड़िया के पंख, गुरु शिखर की धूल ।।
सत्य रक्षा हेतु मुखर स्वर,
अनैतिकता विरोध पुरजोर ।
शिखर राष्ट्र गौरव पताका,
शांति सद्भाव मधुरिम भोर ।
नारी वरिष्ठजन आदर प्रदायक,
जननी जन्मभूमि स्वाभिमान अमूल ।
शिक्षा चिड़िया के पंख, गुरु शिखर की धूल ।।
कुमार महेंद्र
(स्वरचित मौलिक रचना)
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