पंद्रहवीं पुण्यतिथि पर श्रद्धा से याद की गई योगमाया देवी, मातृशक्ति सम्मान से भावुक हुआ अरण्यडीह गांव

नवादा (मेसकौर): नवादा जिले के मेसकौर प्रखंड स्थित अरण्यडीह गांव में श्रद्धेय योगमाया देवी की पंद्रहवीं पुण्यतिथि के पावन अवसर पर एक भावपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर गांव में श्रद्धा, सेवा और संस्कार का अद्भुत संगम देखने को मिला।
कार्यक्रम का शुभारंभ गांव के सबसे वरिष्ठ नागरिक, जिन्हें लोग प्रेमपूर्वक शतकवीर बाबा के नाम से जानते हैं, के करकमलों द्वारा योगमाया देवी के तैलचित्र पर दीप प्रज्वलन एवं पुष्पार्चन कर किया गया। वातावरण भक्ति और श्रद्धा से ओतप्रोत हो उठा।
इस अवसर पर गांव के वरिष्ठजन श्री विजय कुमार मिश्र एवं श्री मिथलेश कुमार मिश्र ने लगभग 200 मातृ-शक्तियों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। महिलाओं को साया, साड़ी, ब्लाउज, चूड़ी और सिंदूर प्रदान किए गए। इसके साथ ही सभी के लिए सामूहिक भोजन की भी व्यवस्था की गई, जिससे आयोजन सेवा और समर्पण का प्रतीक बन गया।
कार्यक्रम के दौरान श्रद्धेय योगमाया देवी के ज्येष्ठ पुत्र श्री नरेन्द्र कुमार मिश्र ने अपनी माता के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने अत्यंत अभावों में रहकर भी अपने कठिन परिश्रम, त्याग और बुद्धिमत्ता से पूरे परिवार को शिक्षा और संस्कार प्रदान किए। वे न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे गांव और क्षेत्र के लिए प्रेरणा स्रोत थीं।
कार्यक्रम का संचालन विद्वान श्री रविन्द्र चंद्र पाठक ने किया। उनके द्वारा प्रस्तुत जीवन-वृत्तांत और संस्मरणों को सुनकर उपस्थित ग्रामीण भावुक हो उठे और कई लोगों की आंखें नम हो गईं। यह उनके प्रति लोगों के सम्मान और प्रेम का जीवंत प्रमाण था।
इस अवसर पर गांव के अनेक गणमान्य लोग एवं परिजन उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से अनिल कुमार मिश्र, बिंदु कुमार मिश्र, नवीन कुमार मिश्र, मनोज कुमार मिश्र, राकेश कुमार मिश्र, अरुण कुमार मिश्र, मुकेश कुमार मिश्र, अमरेश कुमार मिश्र, सौरभ कुमार मिश्र, चंदन कुमार मिश्र, मनीष कुमार मिश्र, प्रशांत कुमार मिश्र, निशांत कुमार मिश्र, गौरव कुमार मिश्र, राहुल कुमार मिश्र, अंशुल कुमार मिश्र, अभिषेक कुमार पाठक, अंकित कुमार पाठक, अंजलि कुमारी, आनंद कुमार मिश्र एवं आशुतोष कुमार मिश्र शामिल रहे।
कार्यक्रम का संयोजन योगमाया देवी की सुपुत्री श्रीमती सुनीता पाठक द्वारा किया गया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनकी मां भले ही आज इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन आज भी परिवार के साथ है, जिससे सभी सदस्य निरंतर प्रगति कर रहे हैं।अंत में शांति मंत्र के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। यह आयोजन न केवल श्रद्धांजलि का प्रतीक बना, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और मातृशक्ति के सम्मान का प्रेरक संदेश भी दे गया।
हमारे खबरों को शेयर करना न भूलें| हमारे यूटूब चैनल से अवश्य जुड़ें https://www.youtube.com/divyarashminews #Divya Rashmi News, #दिव्य रश्मि न्यूज़ , https://www.facebook.com/divyarashmimag

0 टिप्पणियाँ
दिव्य रश्मि की खबरों को प्राप्त करने के लिए हमारे खबरों को लाइक ओर पोर्टल को सब्सक्राइब करना ना भूले| दिव्य रश्मि समाचार यूट्यूब पर हमारे चैनल Divya Rashmi News को लाईक करें |
खबरों के लिए एवं जुड़ने के लिए सम्पर्क करें contact@divyarashmi.com
#NEWS,
#hindinews