एआई और नई शिक्षा नीति पर मंथन: बी.डी. कॉलेज–मास्टरसॉफ्ट सम्मेलन में उच्च शिक्षा के भविष्य पर चर्चा

राजधानी पटना के बी.डी. कॉलेज में मास्टरसॉफ्ट के सहयोग से आयोजित हायर एजुकेशन एआई सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) और उच्च शिक्षा सुधार जैसे अहम मुद्दों पर व्यापक विमर्श हुआ। इस सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, शिक्षाविदों और प्रौद्योगिकी विशेषज्ञों ने भाग लेकर बिहार की उच्च शिक्षा प्रणाली को भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में विचार साझा किए।
🔶 डिजिटल परिवर्तन और नवाचार पर जोर
कार्यक्रम की शुरुआत बी.डी. कॉलेज की प्राचार्य प्रोफेसर रत्ना अमृत के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने उच्च शिक्षा में नवाचार, समावेशिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने के साथ-साथ एनईपी 2020 के अनुरूप संस्थागत बदलाव की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बिहार की शिक्षा प्रणाली को डिजिटल परिवर्तन के साथ जोड़ना समय की मांग है।

🔶 राज्यपाल का संदेश: नीति, तकनीक और मूल्यांकन का समन्वय जरूरी
सम्मेलन के मुख्य वक्ता के रूप में राज्यपाल-कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन (सेवानिवृत्त) ने अपने संबोधन में कहा कि उच्च शिक्षा में वास्तविक बदलाव तभी संभव है, जब नीति, मूल्यांकन और प्रौद्योगिकी का समन्वित उपयोग किया जाए। उन्होंने नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में लचीलापन, भारतीय ज्ञान परंपरा और नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताई। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों में नेतृत्व और अनुशासन विकसित करने में एनसीसी की भूमिका की सराहना की।
🔶 एआई और ERP से शिक्षा में गुणवत्ता सुधार
मास्टरसॉफ्ट के प्रबंध निदेशक श्याम सोनी ने डिजिटल शिक्षा के परिप्रेक्ष्य को रेखांकित करते हुए कहा कि ईआरपी सिस्टम, एआई-सक्षम प्रक्रियाएं और डेटा-आधारित निर्णय-निर्माण शैक्षणिक गुणवत्ता और छात्र सहभागिता को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
🔶 विशेषज्ञों ने रखे अपने विचार
उद्घाटन सत्र में उच्च शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रोशन, बीएसएचईसी के अध्यक्ष प्रो. गिरीश कुमार चौधरी और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. उपेंद्र प्रसाद सिंह ने एनईपी-अनुरूप सुधारों की आवश्यकता पर बल दिया।
वहीं, मास्टरसॉफ्ट के सह-संस्थापक एवं सीईओ गुरुदेव सोनी की अध्यक्षता में आयोजित पैनल चर्चा में प्रो. अरुण कुमार, प्रो. नूपुर बोस, प्रो. राणा सिंह और प्रो. एन.के. अग्रवाल ने मान्यता सुधार, डिजिटल अवसंरचना और समावेशी तकनीकी मॉडल पर अपने विचार साझा किए।
🔶 तकनीकी सत्रों में नीति और तकनीक का समन्वय
तकनीकी सत्रों में आईआईटी मद्रास की डॉ. वल्लभा देवी, मास्टरसॉफ्ट ईआरपी सॉल्यूशंस के पारस पलसटकर और नीति आयोग की डॉ. कल्पना सिंह ने एनईपी 2020 के उद्देश्यों को संस्थागत आवश्यकताओं से जोड़ते हुए शैक्षणिक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की।
🔶 मान्यता और गुणवत्ता पर विशेष व्याख्यान
सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा पूर्व कुलपति डॉ. एन. जयशंकरन का व्याख्यान, जिसमें उन्होंने “अधिगम परिणामों, शिक्षण पद्धति और मूल्यांकन के संरेखण” पर प्रकाश डाला। उन्होंने परिणाम-आधारित शिक्षा और गुणवत्ता आश्वासन की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए संस्थानों को व्यावहारिक दिशा प्रदान की।
🔶 संचालन और समापन
कार्यक्रम का संचालन डॉ. दिव्या कुमार ने किया, जबकि तकनीकी सत्र का संचालन डॉ. यादव गुंजन रामराज ने किया। धन्यवाद ज्ञापन नीतू तिवारी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
🔶 भविष्य की दिशा
यह सम्मेलन नीति, अकादमिक जगत और प्रौद्योगिकी का एक प्रभावशाली संगम बनकर उभरा, जिसने उच्च शिक्षा संस्थानों को अधिक स्मार्ट, समावेशी और भविष्य-उन्मुख बनाने की दिशा में नई सोच प्रदान की। बी.डी. कॉलेज ने प्रो. रत्ना अमृत के नेतृत्व में अपनी सक्रिय भूमिका और मास्टरसॉफ्ट की तकनीकी साझेदारी को पुनः सशक्त रूप में स्थापित किया।
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