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नटखट बिल्ली”

🐱 *“नटखट बिल्ली”* 🐱

(बाल कविता)
✍️ डॉ. रवि शंकर मिश्र "राकेश"
नन्ही-सी एक बिल्ली आई,
चुपके-चुपके घर में समाई।
म्याऊँ-म्याऊँ करके बोली,
दूध मिलेगा या खीर मलाई।।


धीरे-धीरे कदम बढ़ाकर,
रसोई तक वह दौड़ी आई।
मटके में जब दूध देखी,
खुश होकर सिर डुबोई।।


पेट भर दूध पी कर अंगड़ाई,
पूँछ हिलाकर नाच दिखाई,
कूद-फाँद कर मन बहलाई,
थोड़ा करतब भी दिखलाई।


चूहे को देखी, दौड़ लगाई,
फट से उसको दूर भगाई।
सब बोले- वाह! क्या बात है!”
बिल्ली बड़ी होशियार है भाई।


रात हुई तो गद्दे पर जाकर,
गोल-मटोल सी नींद सजाई।
नन्ही-सी यह प्यारी बिल्ली,
सभी बच्चों को खूब सुहाई।
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